Corona vaccine in hindi – कोरोना वैक्सीन की जानकारी हिंदी में। Best information 2021

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Corona vaccine in hindi: कोरोना वायरस का प्रकोप भारत समेत सभी दूसरे देशों मे बढ़ता जा रहा है। इस समय मे corona vaccine ही इससे बचने का एक मात्र रास्ता है। इसी कारण से सभी देश मिलकर कोरोना की लगभग 170 विभिन्न वैक्सीन पर काम कर रहे है। इनमे से कुछ वैक्सीन्स ने सभी ट्रायल्स पूरे कर लिए है और आज उनके प्रयोग से लोगो की जान बचाई जा रही है।

हमारे आज के आर्टिकल मे हम corona vaccine in hindi क्या है, अलग-अलग वैक्सीन कैसे काम करती है?? भारत मे कोन कौनसी कोरोना वैक्सीन उपलब्ध है??और आप कैसे उनके लिये रजिस्टर कर सकते है?? आदि प्रश्नों के उत्तर जानेंगे तो चलिए शुरू करते है।

Corona vaccine in hindi
Corona vaccine in hindi

अनुक्रम

वैक्सीन क्या होती है और कैसे काम करती है? (What is corona vaccine in hindi)

वैक्सीन हमारे शरीर को किसी बीमारी, संक्रमण या वायरस से लड़ने के लिए तैयार करती है। वैक्सीन मे वायरस के कुछ कमजोर या निष्क्रिय भाग होते है जो कि बीमारी का कारण बन सकते है।

तो जब ये वैक्सीन हमारे शरीर मे जाती है, तो हमारा इम्यून सिस्टम इसके कमजोर/निष्क्रिय वायरस को आसानी से मार देता है। और उससे लड़ना सीख जाता है। जिससे जब बाद मे असली वायरस भी हम पर हमला करता है तो हमारा इम्यून सिस्टम उसको भी मात दे देता है। सभी वैक्सीन्स इसी प्रकार से काम करती है।

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वैक्सीन के प्रकार (types of corona vaccine in hindi)


कोरोना वैक्सीन(corona vaccine in hindi) को मुख्य तौर पर चार प्रकार से बनाया जा रहा है:-

Types of corona vaccine in hindi
Types of corona vaccine in hindi
  • पूर्ण वायरस(whole virus),
  • प्रोटीन सब-यूनिट(protein subunit),
  • वायरल वेक्टर(viral vector),
  • नुकलेस एसिड(nucliec acid)।

इनमे से कुछ वायरस के अंशो का प्रयोग करती है तो कुछ हमारे शरीर की कोशिकाओं का इस्तेमाल करके ही वायरस के अंश बनाती है।

पूर्ण वायरस (whole virus)

इस प्रकार की वैक्सीन मे पुरे वायरस का प्रयोग किया जाता है। यह मुख्यतः दो प्रकार से किया जाता है। Live attenuated(जीव तनु) वैक्सीन्स मे वायरस के एक कमजोर रूप का प्रयोग किया जाता है।

यह वायरस हमारे शरीर मे जाकर अपनी संख्या बड़ा सकता है। मगर उससे भी कोई घातक बीमारी नही होगी। इसके अलावा एक दूसरे प्रकार की निष्क्रिय(inactivated) वैक्सीन भी वैज्ञानिको द्वारा बनाई जाती है।

जिसमे वायरस की जेनेटिक सामग्री(genetic material) को नष्ट कर दिया जाता है। जिससे वायरस अपनी संख्या मे वृद्धि नही कर पाता है।

पहले प्रकार की वैक्सीन के लगाने से कमजोर इम्यून सिस्टम वाले व्यक्तिओ को खतरा हो सकता है जबकि दूसरी वैक्सीन मे ऐसा कोई खतरा नही होता। यह दोनों ही प्रकार की वैक्सीन को कोल्ड स्टोरेज मे रखना पड़ता है। जो कि थोड़ा ज्यादा महंगा पड़ता है।

प्रोटीन सब-यूनिट (Protein Subunit)

इस प्रकार की वैक्सीन मे वायरस के एक प्रोटीन का इस्तेमाल वैक्सीन बनाने के लिए किया जाता है। इसमे वायरस इतना खतरनाक नही रहता है इसलिए इस वैक्सीन के कोई नकारात्मक प्रभाव नही होते। और ये बिल्कुल सुरक्षित रहती है। Hepatitis-B की वैक्सीन को इसी प्रकार से बनाया गया है।

न्यूक्लिक-एसिड (nucleic acid)

इस वैक्सीन मे आनुवंशिक सामग्री(genetic material) जैसे DNA और RNA का प्रयोग वायरस बनाने के लिए किया जाता है। इसमे वैक्सीन को मानव शरीर मे डाला जाता है जिसके बाद उस वैक्सीन मे उपस्थित आनुवंशिक सामग्री हमारी कोशिकाओं मे जाकर वायरस को बनाती है। और फिर हमारा शरीर उन वायरस को मारना सीखता है जिससे हमारी इम्युनिटी मजबूत हो जाती है।

इस प्रकार की वैक्सीन्स बनाना काफी आसान होता है। और ये वैक्सीन्स काफी प्रभावी भी होती है। हालांकि ऐसी कोई वैक्सीन अभी तक कोरोना के खिलाफ नही बनाई गई है। उसके अतिरिक्त RNA वैक्सीन्स को काफी ठंडी जगह स्टोर करकर रखना पड़ता है जो काफी महंगा पड़ सकता है।

वायरल-वेक्टर (viral vector)

यह वैक्सीन भी पहली तरह की वैक्सीन से मिलती जुलती है। इसमें भी अनुवांशिक सामग्री को हमारी कोशिकाओं में भेजकर वायरस बनाया जाता है। मगर इसमे हमारे शरीर मे डाले जाने वाला वायरस असली वायरस से अलग वायरस होता है। मगर इस अलग वायरस का genetic material असली वायरस से मिलता जुलता ही होता है। जिससे हमारा इम्यून सिस्टम असली वायरस को मारना भी सीख लेता है। Adenovirus एक इसी प्रकार का वायरस है जिसका उपयोग corona vaccine in hindi बनाने मे किया जाता है।

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भारत मे कौन-कौनसी कोरोना वैक्सीन्स उपलब्ध है??
(Corona vaccines in hindi available in India)

भारत मे आज के समय मे तीन प्रकार की कोरोना वैक्सीनस( corona vaccine in hindi) उपलब्ध है। जिसमे से कोवाक्सिन (covaxin) और कोवि-शील्ड(covishield) का इस्तेमाल पहले से ही किया जा रहा था। जबकि सपुण्टिक-वी (sputnik-V) को अभी अभी हाल ही मे इस्तेमाल करने की अनुमति दी गयी है। चलिये इन तीनो वैक्सीन्स के बारे मे थोड़ा विस्तार से जानते है:-

corona vaccine in india

कोवैक्सीन (Covaxin)

Covaxin एक पूर्ण वायरस वैक्सीन है जिसमे निष्क्रिय कोरोना वायरस का इस्तेमाल वैक्सीन बनानें के लिए किया गया है। इस वैक्सीन को bharat biotech के द्वारा बनाया गया है। इन्होंने कुल 16 तरीके की वैक्सीन आजतक बनाई है।

इस कोरोना वैक्सीन(corona vaccine in hindi) को काफी असरदार पाया गया है। इसमें उपस्थित निष्क्रिय वायरस से लड़कर हमारा इम्यून सिस्टम कोरोनावायरस से लड़ना सिख जाता है। इस वैक्सीन की दो डोज हर व्यक्ति को 4 हफ़्तों के अंतराल मे दी जाती है। इसके अलावा इस वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस मे रखा जाता है।

यह वैक्सीन दोनों डोज लगने के बाद 82% तक प्रभावी होती है जिसका अर्थ है कि यह वैक्सीन लगने के बाद आपको कोरोना होने की संभावना 100 में से केवल 18% है। और कोरोना के घातक न होने की संभावना 100% है।

यह कोरोना वैक्सीन(corona vaccine in hindi) के तीसरे-फेज के ट्रायल थोड़े जल्दी मे किये गए थे। हालांकि इसके इस्तेमाल के बाद भी इसके कोई खास दुष्प्रभाव सामने नही आये है। तो ये वैक्सीन इस्तमाल के लिए पुरी तरह से सुरक्षित है।

कोविशील्ड (Covishield)

यह वैक्सीन वैसे तो ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा बनाई गई है। और इसका असली नाम एस्ट्रा-जेनेका(AestraZeneca) है। एमजीआर भारत मे इसको Serum institute of india द्वारा बनाया जा रहा है। इनके दिए हुए डाटा की माने तो यह हर महीने 6 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन्स बना रहे है।

यह ऊपर समझाए गए चौथे प्रकार की वैक्सीन जैसी है। इसमें adenovirus का इस्तेमाल करके वैक्सीन को बनाया गया है। इस वायरस की अनुवांशिक सामग्री मे कुछ बदलाव करके इसे कोरोना वायरस जैसा रूप दिया गया है।

जब इसे हमारे शरीर मे डाला जाता है तो इस वायरस से लड़ते लढते हमारा इम्यून सिस्टम कोरोना वायरस के लिए भी एंटीबाडी(antibody) बना लेता है। और बाद मे उसको हराने मे भी प्रभावी रहता है।

इस कोरोना वैक्सीन(corona vaccine in hindi) की दो डोज भी 4 से 12 हफ़्तों के अंतराल के बीच लगवानी होती है। साथ ही इस वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस के तापमान मे रखना होता है।

इस वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद यह कोरोना से लड़ने मे 90% तक प्रभावी रहती है। और कोरोना के घातक लक्षणों से बचाने मे 100% तक। इस वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल भी हो चुके है। और इस कोरोना वैक्सीन(corona vaccine in hindi) के कोई खास दुष्प्रभाव देखने को नही मिले है। तो हम यह मान सकते है कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है।

स्पुतनिक-वी (Sputnik V)

यह वैक्सीन मास्को के गमेलेया इंस्टिट्यूट( Gamelya Institute) द्वारा बनाई गई है। इस वैक्सीन मे एक प्रकार के वायरस का इस्तेमाल किया जाता है जो हमारे शरीर मे जाकर हमारी कोशिकाओं मे कोरोना वायरस कि एक प्रोटीन बनाता है जिसको मारकर हमारा इम्यून सिस्टम कोरोना वायरस से लड़ना सीखता है।

इस वैक्सीन की भी दो डोज दी जाती है। मगर जहा दूसरी वैक्सीन्स की दोनों डोज लगभग एक जैसी होती है। वही इस वैक्सीन की दोनों डोज मे अलग अलग प्रकार के वायरस का इस्तेमाल किया गया है। जिससे ये ज्यादा प्रभावी रहे।

इस वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर रखना पड़ता है। जो कि ज्यादा मुश्किल नही है।
इसके अलावा इस वैक्सीन को कोई घातक दुष्प्रभाव नही है। और इसको लगवाना पूरी तरह सुरक्षित है।

हालांकि इस वैक्सीन के लगने के बाद हाथ मे दर्द, थकान या हल्का बुखार हो सकता है। मगर ये सब सामान्य स्तर पर ही होंगे तो कोई खास चिंता का विषय नही है। अभी तक ये वैक्सीन 60 से ज्यादा देशो मे इस्तेमाल होनी शुरू हो चुकी है।

इस वैक्सीन का भारत मे उत्पादन और रूस से नियात जल्द ही शुरू होगा। जल्द ही 12 करोड़ से अधिक कोरोना वैक्सीन्स(corona vaccine in hindi) भारत मे उपलब्ध कराई जाएंगी।

फाईजर (Pfizer)

यह वैक्सीन अमरीकी कंपनी द्वारा बनाई गई है। और पहले इसको अमरीका और दूसरे देशों मे ही इस्तेमाल किया जा रहा था और भारत मे इसको अनुमति नही मिली थी। मगर अब बढ़ते कोरोना केस के बाद इसको भी भारत मे अनुमति दी जा रही है। तो जल्द ही इस वैक्सीन को भी हम भारत मे देख सकते है।

हालांकि इस वैक्सीन के साथ समस्या ये है कि इसको -70 डिग्री के तापमान मे रखना पड़ता है। जिसके लिए बहुत अच्छी टेक्नोलॉजी के refrigerators चाहिए होते है जिनका भारत मे सख्त अभाव है। तो अनुमति मिलने के बाद भी इस वैक्सीन का कितना इस्तेमाल भारत मे होता है ये तो वक़्त ही बताएगा।

हालांकि pfizer कंपनी भारत की कोरोना से मदद करने के लिए काफी इछुक है। और इन्होंने भारत को 510 करोड़ रुपये की वैक्सीन भेजने का वादा भी किया है। इसके अलावा pfizer ने अपने कंटेनर बनाये है जिनमे वैक्सीन का तापमान नियंत्रित रह सकता है और बिना अधिक पैसा खर्च किये वैक्सीन्स को एक जगह से दूसरी जगह भेजा जा सकता है।

मगर इन सबके बाद भी यह कोरोना वैक्सीन(corona vaccine in hindi) भारत मे कितनी सफल होती है ये देखने वाली बात होगी।

क्या कोरोना वैक्सीन लगवाना सुरक्षित है?


आज कई अफवाहें सोशल मीडिया द्वारा फैलाई जा रही है जिनमे कहा जा रहा है कि कोरोना वैक्सीन( corona vaccine in hindi) सुरक्षित या प्रभावी नही है। और इसको लगवाने से कोई खास लाभ नही है। और लोगो को यह वैक्सीन नही लगवानी चाहिए। जबकि हकीकत मे ऐसा कुछ भी नही है। सभी कोरोना वैक्सीन( corona vaccine in hindi)्स सुरक्षित है और इनके कोई भी घातक दुष्प्रभाव नही है। इनसे आपकी जान को कोई खतरा नही है।

इसके अलावा कोई भी कोरोना वैक्सीन( corona vaccine in hindi) 100% प्रभावी कोरोना के खिलाफ नही है। और इन वैक्सीन्स को लगवाने के बाद भी आपको कोरोना हो सकता है। मगर ऐसा होने की संभावना बहुत कम हो जाती है। उदाहरण के लिए अगर पहले आपको कोरोना होने की 100% संभावना थी तो अब बस 10% रहेगी।

इसके अलावा अगर आपको कोरोना हो भी जाता है तो कोरोना वैक्सीन(corona vaccine in hindi) लगने के बाद इस बात की 100% गारंटी है कि आपको न तो अस्तपताल मे भर्ती होने पड़ेगा और न ही कोरोना से आपकी मौत होगी।

कौनसी कोरोना वैक्सीन आपको लगवानी चाहिए?

कई लोगो को ये भी समस्या है कि कौनसी कोरोना वैक्सीन( corona vaccine in hindi) उनको लगवानी चाहिए और कौनसी वैक्सीन उनके लिए सबसे बेहतर रहेगी। तो इसपर सभी वैक्सीन्स अच्छी और प्रभावी है और आपको कोरोना के घातक लक्षणो से बचाती है।

तो जो भी वैक्सीन आपके पास उपलब्ध हो उसी की डोज ले ले। कोई भी वैक्सीन मुख्यतः सबसे अच्छी नही है बल्कि सभी वैक्सीन्स एक ही समान है। तो जो भी कोरोना वैक्सीन (corona vaccine in hindi) आपके नजदीकी अस्प्तालो मे उपलब्ध हो उसको लगवा ले।

Conclusion

कोरोना का प्रकोप भारत मे बढ़ता जारहा है। इस समय वैक्सीन ही इसका एकलौता ठोस समाधान है। तो हम उम्मीद करते है कि जल्द से जल्द आप सबको वैक्सीन लग जाए। और तब तक आप लोग कोरोना-वायरस से लड़ने के लिए सभी नियमो का पालन करे।

आज के इस आर्टिकल मे हमने कोरोना वैक्सीन(corona vaccine in hindi) संबंधित कई बातें जानी। हमने जाना कि corona vaccine in hindi कैसे काम करती है। और कितने प्रकार की corona vaccine in hindi भारत मे उपलब्ध है आदि। हम उम्मीद करते है कि आपको यह आर्टिकल पसन्द आया होगा। आपसे मुलाक़ात होगी फिर किसी और रोचक आर्टिकल के साथ। तब तक के लिए जी हिन्द।