Satta Matka क्या है? सट्टा मटका और कैसे खलते हैं 2023 Best Trick

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अगर आप सट्टा मटका में रूचि रखते हैं और सट्टा मटका खेलना चाहते हैं तो सबसे बड़ी दिक्कत आती है कि इस खेल को कैसे खेला जाए और इस खेल में क्या-क्या होता है। कौन सी बातें हैं जिनका आपको ख़याल रखना चाहिए।

सट्टा मटका खेल को लोग बहुत ज्यादा पसंद इसलिए करते हैं क्योंकि इस खेल में बहुत पैसा है। जो भी इस खेल में जीत जाता हैं वो कम से कम चार गुना से लेकर 100 गुना या फिर इससे भी अधिक पैसा जीत जाता है। लेकिन जो लोग हारते हैं वो अपना सब कुछ हार जाते हैं।

ये खेल आ भारत के हर राज्य में खेला जाता है क्योंकि इसकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई है लेकिन जहां ये खेल कुछ राज्यों में भारतीय कानूनी तरीके से खेला जाता है तो कहीं ये खेल पूरी तरह से प्रतिबंधित है क्योंकि ये खेलना गैरकानूनी है। हालाँकि फिर भी भारत सट्टा (indian satta Market) बाज़ार आसमान की ऊँचाई छू रहा है।

लोग जानते हैं की ये खेल गैरकानूनी है लेकिन फिर भी खेलते हैं जभी कुछ राज्यों में सट्टा मटका खेलते हुए पकडे जाने पर जेल भी हो सकती है।
सट्टा मटका खेलने से पहले आपको ऊपर कही गई बातें पता होना जरूरी है तभी आप आगे का फैसला लें। लेकिन अगर आपकी रूचि इस खेल को सिखने की है तो आपका बहुत बहुत स्वागत है, इस लेख में आपको सट्टा मटका के बारे में पूरी जानकारी मिल जायेगी|

अनुक्रम

चेतावनी

हम आपको यह खेल खेलने की सलाह बिलकुल भी नहीं देंगे क्योकि यह खेल पूरी तरह से गैरकानूनी है और अगर आप इस खेल को खेलते हुए पाए जाते हैं तो आपको कानूनी कार्यवाही का सामना भी करना पड सकता है। इसलिए कृप्या आप अपने विवेक से काम लें और किसी भी गैरकानूनी काम करने से बचें। लेकिन अगर आप इस खेल के बारे में जानकारी लेना चाहते हैं तो आप इस लेख को पूरा पढ़ सकते हैं।

सट्टा मटका क्या है | Satta Matka Kya Hai

सट्टा मटका या कुछ लोग इसे सट्टा मट्टा मटका (satta matta matka) भी कहते हैं, ये एक प्रकार का जुआ है जिसमे कुछ लोग एक ग्रुप बनाकर पैसे लगाते हैं, ज्यादातर लोग इस खेल में अपने भाग्य के आधार पर पैसा लगाते है। अगर उनकी किस्मत अच्छी होती है तो वो इस खेल को जीत जाते हैं नहीं तो वो अपने दांव लगाईं हुई पूरी राशि को खो देते हैं।

इस खेल में लोग ताश के पत्तों पर लिखी हुई संख्या या अंकों में से किसी एक अंक पर अपना दांव लगाते हैं, लोगों के पास एक ख़ास समय अंतराल होता है जिसके भीतर ही उनको अपना कोई भी अंक चुनना होता है। जब समय ख़त्म हो जाता है तो इस खेल का परिणाम सामने आता है।

इस खेल के परिणाम में एक संख्या होती है जोकि तीन हिस्सों में बनती होती है, कुछ इस तरह AAA-BB-CCC.

पहले 3 अंकों की संख्या होती है फिर 2 अंकों की और फिर 3 अंकों की संख्या होती है। 3 अंकों की संख्या को Pannel या पाना भी कहा जाता है और 2 अंकों की संख्या को जोड़ी कहा जाता है।

इस खेल में एक दिन में 2 बार नंबर निकलता है पहला शुरुआत में जब ये खेल शुरू होता है और दूसरा नंबर अंत में निकलता है जब ये खेल बंद होता है।
तो कुछ इस तरह से सट्टा मटका काम करता है।

Satta Matka Kya Hai
Satta Matka kya hai

सट्टा मटका का इतिहास

माना जाता है कि सट्टा मटका भारत में बहुत पुराने समय से है। लेकिन पहले ये किसी खेल की तरह नहीं खेला जाता था बल्कि इसे व्यापार के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। व्यापारी किसी भी वास्तु की बोली लगाने के लिए सट्टा मटका का ही उपयोग करते थे और तभी से ये खेल चला आ रहा है।

बात उस समय की है जब हमारे देश में राजाओं और महाराजाओं का समय हुआ करता था, उस समय सट्टा बाज़ार काफी ज्यादा लोकप्रिय हुआ करता था और इस खेल को उस समय के नियमों के अनुसार ही खेला जाता था।

इस खेल को खेलने के लिए पहले एक मटके में कुछ अंक लिख कर पर्चियां डाली जाती थी, लोग पहले से ही एक नंबर चुन कर रखते थे और जैसे ही उस मटके में से परिणाम के लिए पर्चियां निकाली जाती तो सब लोग उस परिणाम के नंबर से अपने चुने हुए नंबर का मिलान करते थे। जिसका नंबर मिल जाता वो इस खेल का विजेता होता था।

प्राचीन काल में इस खेल को खेलने के लिए मटके का उपयोग किया जाता था इसलिए इस खेल का नाम सट्टा मटका पड़ गया।

आज़ादी के बाद भारत में दो अलग-अलग लोगों ने अलग-अलग जगह पर इस खेल को बड़े पैमाने पर शुरू किया। कल्याण भगत जोकि गुजरात से थे और वो पेशे से किसान थे। उन्होंने इस खेल को सन 1962 में शुरू किया था। उन्होंने अपना एक ग्रुप बनाया जिसे कल्याण मटका के नाम से जाता नाता है।

दुसरे थे रतन खत्री जोकि वरली के रहने वाले थे, उन्होंने इस खेल को 1964 के दशक में बड़े पैमाने पर शुरू किया और उन्होंने अपने ग्रुप का नाम रखा वरली मटका।

तो कुछ इस तरह से भारत में बड़े पैमाने पर सट्टा मटका खेल की शुरुआत हुई। हलांकि पहले भी इस खेल को खेला जाता था लेकिन इसके बाद ये खेल पूरी तरह से बदल गया और इसने जुए का रूप ले लिया।

धीरे धीरे ये खेल भारत के आम लोगों में भी खेला जाने लगा और लोग इसे पैसे लगा कर खेलने लगे, इसकी आदत लोगों को लगने लगी और लोग बुरी तरह से इस खेल में फंसते और पैसा हार जाते।

सट्टा मटका खेल की शुरुआत किसने की

वैसे तो इस खेल के बारे में ये बात कोई भी नहीं बता सकता कि इस खेल की शुरुआत किसने की थी क्योंकि ये खेल प्राचीन काल से ही भारत में खेला जाता रहा है। भारत की वैसे भी बिना खेलों के कल्पना नहीं की जा सकती, जहां महाभारत जैसे युद्ध खेलों की वजह से ही हुए जिस से पता चलता है की भारत की धरती पर चौसर जैसे खेल भारत में प्राचीन काल से ही बहुत प्रचलित थे।

लेकिन ये जरुर कह सकते हैं की सट्टा मटका को आधुकिन रंग देने वाले दो लोग थे।

कल्याण भगत जी – कल्याण मटका क्लब

सन 1962 में कल्याण भगत ने भारत में बड़े पैमाने पर सट्टा मटका को शुरू किया। कल्याण भगत गुजरात के रहने वाले थे और उनका बनाया ग्रुप कल्याण मटका आज पूरे भारत का सबसे प्रसिद्ध मटका क्लब है।

रतन खत्री – वरली मटका क्लब

भारत में सट्टा मटका को शुरू करने का दूसरा श्री जाता है रतन खत्री को जिन्होंने सन 1964 में वरली मटका क्लब की शुरुआत की और आज यह क्लब भारत का दूसरा सबसे लोकप्रिय मटका क्लब है। रतन खत्री वरली से थे इसलिए उन्होंने अपने क्लब का नाम वरली क्लब रखा।

सट्टा मटका का मालिक कौन है?

सट्टा मट्टा मटका का कोई मालिक नहीं है जो पूरे सट्टा बाज़ार को चला रहा है बल्कि सट्टा मट्टा मटका को पूरे भारत में कई ग्रुप चलाते हैं जिन्हें सट्टा क्लब कहा जाता है। सट्टा क्लब कुछ लोगों के द्वारा संचालित किया जाता है जहाँ पर लोगों का पैसा लगाया जाता है, इस क्लब का का मालिक तो होता है लेकिन इस क्लब द्वारा जो भी नंबर निकाले जाते हैं वो कई लोगों की बैठक की सर्वसम्मति से ही निकाले जाते हैं।

जैसे की हम उपर दिए गये 2 उदाहरणों से जानते हैं की कल्याण मटका क्लब और वरली मटका क्लब मटका क्लब का ही उदहारण हैं। और जो इन क्लब्स का सञ्चालन कर रहा है वो इसका मालिक है। मालिक कोई भी हो सकता है, कोई भी इकलौता इंसान, इंसानों का ग्रुप या फिर कोई कंपनी भी इन ग्रुप्स की मालिक हो सकती है।

सट्टा मटका कल्याण क्या है?

सट्टा मटका कल्याण भारत का सबसे पुराना सट्टा मटका क्लब है जोकि सन 1962 में शुरू हुआ था और आज तक भी जारी है। साथ ही आज के समय में ये क्लब भारत का सबसे लोकप्रिय मटका क्लब है।

सट्टा मटका कहाँ खेला जाता है

पहले के समय में सट्टा मटका लोग एक जगह पर इकठ्ठा हो कर खेलते थे। किसी एक दूकान या किसी बड़ी जगह पर लोगो को इकठ्ठा होना पड़ता था फिर कही जाकर ये खेल खेला जाता था। लेकिन जब से भारत में इन्टरनेट आया है तब से ये खेल भी पूरी तरह ऑनलाइन हो चुका है। लोग अब ऑनलाइन ही पैसा लगाते हैं और उनको कहीं और जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

ऑनलाइन सट्टा मटका खेलने के लिए इन्टरनेट पर काफी वेबसाइट हैं जिन पर जाकर लोग सट्टा मटका खेलते हैं।

सट्टा मटका क्लब

जो संगठन सट्टा मटका खेल का आयोजन करता है उसे सट्टा मटका क्लब कहा जाता है। इस क्लब में कई लोग होते हैं जो इस खेल को निष्पक्षता का साथ आयोजित करते हैं। पोरे खेल के आयोजन से लेकर विजेताओं को उनकी बनती रकम देने ता, सब कुछ क्लब की ही जिम्मेवारी होती है।

भारत के लोकप्रिय सट्टा मटका क्लब

  • कल्याण मटका
  • वरली मटका
  • मैन मुंबई मटका
  • कुबेर मटका
  • दी पी बॉस
  • इंडियन मटका
  • वाली मटका
  • सुपर डे मटका
  • बॉस मटका
  • मधुर मटका
  • ब्लैक सट्टा
  • गली दिसावर
  • गुरु दिल्ली
  • मायापुरी
  • दिल्ली किंग
  • मुंबई मोर्निंग

सट्टा मटका कैसे खेलते हैं

सट्टा मटका कैसे खेलते हैं ? ये जानने से पहले आपको सट्टा मटका से जुड़े कुछ शब्दों को समझना होगा जिनके बिना आप सट्टा मटका को नहीं समझ पायेंगे और ना ही खेल पायेंगे।

आयोजक के पास ताश की एक गड्डी होती है जिसमें 1 से लेकर 10 तक के अंकों के पत्ते शामिल किये जाते हैं लेकिन यहाँ ध्यान देने की बात ये है की यहाँ सट्टा मटका में 10 के अंक के पत्ते को 0 (शून्य) माना जाता है। ताश के पत्तो के नंबर को सिंगल कहा जाता है।

जोड़ी : जोड़ी 2 अंकों को मिलकर बनती है जैसे कि 23, यहाँ पर 23 जोड़ी है और जोड़ी का पहला अंक Open कहलाता है और दूसरा अंक Close कहलाता है। जैसे कि यहाँ पर 2 Open है और 3 Close है।

पाना : जोड़ी के दायें और बाई तरफ 3-3 अंकों की संख्या होती है जिसे पाना कहा जाता है। कुछ लोग इसे panel भी कहते हैं। यहाँ पर पाने के भी दो प्रकार हैं जोड़ी के दायें ओर के पाने Open PANA कहा जाता है और दायें ओर के पाने को Close PANA कहा जाता है।

शब्दमतलब
मटका जिसमें से पत्ते निकाले जाते हैं
जोड़ीजोड़ी में 2 अंक होते हैं पहला अंक Open कहलाता है और दूसरा अंक Close कहलाता है
पानाजोड़ी के दोनों तरफ के अंकों को पाना कहा जाता है
सिंगल ताश के 0 से 9 तक का कोई भी अंक
Satta Matka Words

सट्टा मटका खेलने के लिए आपको 3 अंकों का चुनाव करना होगा और उन तीन अंकों पर अपना दांव लगाना होगा।

यहाँ पर आपका काम ख़त्म हो जाता है और अब नतीजों का इंतज़ार होता है।

सट्टा मटका रिजल्ट | kalyan satta matka result

अब बारी आती है रिजल्ट की, जिसमे उस मटका क्लब के आयोजक मटका रिजल्ट निकलने के लिए हर एक अंक के लिए 22 ताश के पत्ते चुनते हैं, यानि कुल मिलाकर 10 अंकों के लिए 220 पत्तो को पहले तो अच्छी तरह से मिला लिया जाता है। फिर उस गड्डी में से तीन पत्ते निकाले जाते हैं।

उन तीनों पत्तो के अंकों को क्रम से लिख लिया जाता है और वही अंक Open PANA कहलाते हैं। जब यही प्रक्रिया मटका रिजल्ट क्लोज करते हुए अपने जाती है तो उस से जो नंबर मिलता है उसे Close PANA कहा जाता है।

जब दोनों पाने निकल जाते है उसके बाद जोड़ी निकाली जाती है। जोड़ी निकलने के लिए अलग प्रक्रिया है, Open PANA के तीनों अंकों का जोड़ करने पर जो दो अंकों की संख्या आती है उसके दुसरे अंक को Open अंक कहा जाता है।

Close PANA के तीनों अंकों का जोड़ करके जो दो अंकों की संख्या मिलेगी उसके दुसरे अंक को Close अंक कहा जाएगा। फिर Open अंक और Close अंक को जोड़कर लिखा जाए तो उसे जोड़ी कहा जाता है।

अगर आपका लगाया हुआ नंबर कहीं पर भी Open PANA, Close PANA या जोड़ी में आता है तो आप विजेता बन जाते हैं और आपको मटका किंग कहा जाएगा।

मटका का रिजल्ट दिन में दो बार सुबह और शाम को प्रकाशित किया जाता है। सट्टा मटका टाईम बाजार में दो बार होता है एक सुबह और एक शाम।

ऑनलाइन मटका कैसे खेले – सट्टा मट्टा ओपन

ऑनलाइन मटका खेलने का प्रोसेस बहुत ही सिंपल है। आपको किसी भी मटका क्लब में अपनी id बनानी होती है और पैसे लगाकर अपने अंक पर दांव लगाना होता है। किसी भी मटका क्लब का ऑनलाइन वेबसाइट इंटरफ़ेस बिलकुल साफ़ और सिंपल होता है। अगर आप जीत जाते हो तो आपके पैसे आपके अकाउंट में तुरंत ही आ जाते हैं।

satta matka result Winning Prize

सट्टा मटका जितने पर क्या मिलता है ? तो जैसे ही आप सट्टा मटका जीतते हैं आपको आपके लगाए हुए अंक के अनुसार इनाम दिया जाता है। इनाम इस पर भी आधारित होता है कि आपने दांव लगाते हुए क्या चुना था। अगर आप 1 का 4 पर 100 रुपये का दांव लगाते हो तो आपके जितने पर आपको 400 रुपये मिलेंगे।

ऐसे ही ये इनाम 1 का 4 से लेकर 1 का 420 तक होता है। जोकि काफी ज्यादा है और यही वजह है कि लोग सट्टा मटका की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं।

मटका जीतने की सबसे अच्छी रणनीति क्या है?

सट्टा मटका जितने के लिए आपको अपनी किस्मत पर भरोसा करना छोड़ना होगा क्योंकि सट्टा मटका भले ही किस्मत का खेल है लेकिन इसमें भी कई चीजें ऐसी होती हैं जहाँ पर आप पहले से अनुमान लगा सकते हैं। आप इसके लिए youtube पर कई वीडियोस देख सकते हैं जहाँ पर सट्टा मटका के बारे में सिखाया जाता है।

सट्टा मटका के कानूनी नियम

सट्टा मटका भारत में कानूनी रूप से अवैध है। आप कानूनी रूप से सट्टा मटका को un राज्यों में बिलकुल भी नहीं खेल सकते जहाँ पर इसके खिलाफ सखत कानून बने हुए हैं।

सट्टा मटका खेलने के बुरे प्रभाव

पहली बात तो यही है की यह खेल गैरकानूनी है तो कायदे से सट्टा मटका हमें नहीं खेलना चाहिए, क्योंकि अगर कोई भी ये सट्टा खेलते हुए पकड़ा जाता है तो उस पर कानूनी रूप से कार्यवाही हो सकती है।

अब अगर इसके दुसरे दुष्प्रभावों के बारे में बात की जाए तो सट्टे की आदत आदमी को बुरी तरह से कंगाल कर देती है, सट्टे से मन में लालच पैदा होता है और खेल हारने पर जो ग्लानी होती है उसके प्रभाव से उस खोई हुई रकम को दुबारा प्राप्त करने की मंशा इंसान को और भी ज्यादा पैसे लगाने पर मजबूर कर देती है और इस तरह से एक इंसान सट्टे में ज्यादा से ज्यादा पैसा लगाने पर मजबूर हो जाता है।

लालच या आदत के चलते मजबूर आदमी जब पैसा गँवा देता है तो वो कहीं न कहीं से पैसे का जुगाड़ करने की सोचता है और उसके अपने घर से बेहतर जगह और क्या हो सकती है, पैसे के चक्कर में वो घर में क्लेश करता है और इस तरह से पूरे घर में तनाव की स्थिति पैदा हो जाती है।

कभी कभी कुछ लोग पैसे के लिए चोरी जैसे गलत काम करने को भी मजबूर हो जाते हैं। और आगे चलकर ये मायाजाल उनको बहुत बुरे हालात में फंसा देता है, इस से उनका घर तो तबाह होता ही है लेकिन उनके साथ उनके घर वालों को भी बहुत कुछ भुगतना पड़ता है।

तो ये कुछ बुरे प्रभाव हैं जोकि सट्टा मटका की आदत लगने पर भुगतने पड़ सकते हैं।

सट्टा मटका खेलने से कैसे बचें

अगर आप सट्टा मटका से बचना चाहते हैं या फिर आप इसकी आदत से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आपको कुछ उपाए करने होंगे। बिना अपने मन को समझाए आप इसकी आदत से छुटकारा बिलकुल भी नहीं पा सकते। अगर आप इसकी वजह से मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं तो आपको किसी अछे मानसिक डॉक्टर को जरुर दिखाना चाहिए।

आप अपने लेवल जो कर सकते है वो ये है कि आप अपने आप को सट्टा मटका से दूर ही रखें, अपने मन को किसी ऐसे दुसरे काम में लगाएं जहाँ आपको शांति और सुकून मिलता हो।

अपने मन को अशांत न होने दें औ जितना हो सकता है अपने परिवार को समय देना शुरू करें। जो संगत आपको सट्टा मटका खेलने के लिए उकसाती है वोका साथ चोदना ही आपके लिए बेहतर होगा।

सट्टा मटका एक बुरी लत है और आपका प्रयास ही आपके बेहतर भविष्य के लिए वरदान साबित हो सकता है।

मटका बाजार क्या है

जहाँ पर सट्टा मटका लगाया जाता है उसे सट्टा बाज़ार या मटका बाज़ार कहते हैं। भारत का साटामाटका बाजार (Satta matta matka 143) करीब 100 करोड से भी ज्यादा का है। और यह सारा पैसा उन्हीं लोगों का है जो इस बाज़ार में पैसा लगाते हैं। यहाँ हर रोज़ हज़ारों लोग हज़ारों रुपये हारते भी हैं और सैंकड़ों लोग लाखों रुपये जीतते भी हैं।

क्या सट्टा मटका ऑनलाइन खेला जाता है?

हाँ, सट्टा मटका ऑनलाइन भी खेला जाता है लेकिन इसकी शुरुआत ऑफलाइन हुई थी।

भारत का कौन सा सट्टा मटका सबसे ज्यादा मशहूर है?

भारत में कई सट्टा मटका गेम चलते हैं लेकिन कल्याण और वर्ली सट्टा मटका (Indian Satta Matka) सबसे ज्यादा फेमस है

क्या सट्टा मटका लीगल है?

नहीं, भारत के कानून के अनुसार सट्टा मटका लीगल नहीं है।

आखिरी शब्द

यहाँ पर अगर आपको अपनी किस्मत आजमानी है तो आप अजमा सकते हैं लेकिन आप अगर आमिर बनने के सपने से पैसे लगाते हैं तो ये एकदम गलत फैसला है। अगर आपको आमीर बनना है तो आप मेहनत करें। ऑनलाइन पैसे कमाने के और भी कई तरीके है आप उन पर मेहनत कर सकते हैं रातों रात कोई अमीर नहीं बन जाता, अगर बनता भी है तो हर कोई नहीं , इसलिए अपनी जमा पूँजी को यहाँ खर्च करने से पहले सौ बार सोचें।

और हम यहाँ पर आपको सट्टा मटका खेलने की सलाह बिलकुल भी नहीं देना चाहेंगे क्योंकि यह एक अपराध है।