Earthquake in Delhi. रोहतक से दिल्ली तक भूकंप के झटके महसूस किये गए.

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1 घंटे के अंतराल में हरियाणा के रोहतक में जो भूकंप आने के बाद शुक्रवार, 29 मई देर रात शाम दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में, जैसे नोएडा और गुरुग्राम में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. जिससे काफी संपत्ति का नुकसान हुआ है और इसकी अभी तक कोई तत्काल रिपोर्ट नहीं जारी की गई है.

(NCS) यानी नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार भूकंप 9.08 PM पर 5 किलोमीटर की गहराई के साथ आया था. यानी इसका प्रभाव 5 किलोमीटर की गहराई तक में था. जिसकी तरंगे दिल्ली तक गई थी. जिसकी तीव्रता 4.5 दर्ज कि गयी है.

ऐसी बात नहीं है कि यह दिल्ली में पहले ही भूकंप के झटके थे. इससे पहले इसी साल 12 अप्रैल, भारत की राजधानी यानी कि दिल्ली में भूकंप का सातवां झटका देखने को मिला था. और दिल्ली के अंदर अंतिम भूकंप 15 मई को दर्ज किया गया था. जिसकी तीव्रता जीटीवी नगर के पास 2.2 थी.

2 महीने में 5 भूकंप के बड़े झटके.

भारत की राजधानी दिल्ली में भारत के कई शहरों में 2 महीने के अंदर 5 बड़े भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. सबसे पहले दिल्ली में 12 व 13 अप्रैल को यह भूकंप के झटके आए थे. इसके अलावा 10, 15 और 29 मई को फिर से धरती पर भूकंप के झटके देखने को मिले थे और आपको पता होना चाहिए कि 12 अप्रैल के दिन जो भूकंप आया था. दिल्ली में उसकी तीव्रता 3.5 की थी. जबकि 13 अप्रैल को रिएक्टर पैमाने में इसकी तीव्रता 2.7 दर्ज की गई थी. जो कि पहले दिन से कम थी और इसके बाद जितने भी भूकंप के झटके आए वह 3 से लेकर 4 के बीच में थे. यहां तक कि जो अभी रोहतक में एक और भूकंप का झटका महसूस हुआ है उसकी तीव्रता 4.5 है.

भूकंप क्या है?

भूकंप या भूचाल पृथ्वी की सतह के हिलने को कहते हैं. यह पृथ्वी के स्थल मंडल में ऊर्जा के अचानक मुक्त हो जाने के कारण उत्पन्न होते हैं और भूकंप आने का प्रमुख कारण भूकंपीय तरंगे होती हैं. जिसकी वजह से भूकंप आता है. भूकंप की यह तरंगे जितनी ज्यादा हिंसात्मक होंगी. उतना ही ज्यादा नुकसान होता है.

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Earthquake

कुछ प्रमुख भूकंप?

1- 22 मई 1960 को वाल्डिविया चिली में भूकंप आया था. जिसकी तीव्रता 9.5 मापी गई थी. सुनामी लहरों ने चिली समेत हवाई, जापान, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया तक में तबाही मचाई थी. सबसे ज्यादा असर चिल्ली के वाल्डिविया या शहर में हुआ. तीव्रता के हिसाब से यह भूकंप अभी तक का सबसे ज्यादा तीव्रता वाला भूकंप है.

2- सबसे ज्यादा विनाश करने वाला भूकंप चीन में आया है. जो दुनिया का सबसे खतरनाक भूकंप माना जाता है. तबाही के मामले में, जो कि 1556 में आया था. जिसमें 8.30 लाख लोगों की मृत्यु हो गई थी वह भी चंद मिनटों के अंदर.

3- ऐसा ही एक भूकंप नेपाल में भी देखने को मिला था. जिस भूकंप की तीव्रता 7.8 से लेकर 8.1 की थी. इस भूकंप को 25 अप्रैल 2015 सुबह 11:56 पर यह घटित हुआ था. भूकंप का अधिकेंद्र लामजुंग, नेपाल से 38 किलोमीटर दूर था. भूकंप के अधिकेंद्र की गहराई कि अगर हम बात करें. तो वह 15 किलोमीटर नीचे तक थी. इस भूकंप में 8,000 से अधिक जानें गई थी और नेपाल बहुत ही दर्दनाक स्थिति में आ गया था.

4- 27 मार्च 1964 को अलास्का, अमेरिका में भूकंप दर्ज किया गया था. जिसकी तीव्रता 9.3 मापी गई थी. अलास्का में उस दिन भूकंप 4 मिनट 38 सेकेंड तक धरती हिलती रही थी. उस भूकंप अलास्का का नक्शा ही बदल कर रख दिया था. चारों तरफ तबाही तबाही मच गई थी.

5- 26 जनवरी 2001 को गुजरात के भुज में भूकंप दर्ज किया गया था.जिसकी तीव्रता 7.7 रिकॉर्ड की गई थी. इससे पूर्व शहर मानो मलबे के ढेर में तब्दील हो गया था. कच्छ और भुज में 30,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. डेढ़ लाख से ज्यादा लोग जख्मी हुए और करीब चार लाख मकान जमीन में धंस गए थे.

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और हमारे इतिहास में अभी तक सैकड़ों भूकंप दर्ज किए गए हैं. जिन्होंने मानव सभ्यता को खतरे में ला कर रख दिया है. जिसकी वजह से सेकड़ो लोगो कि जान भी गयी है.

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