लक्ष्मी पूजा कैसे करें? (Lakshmi Puja) Best Tips 2020

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Lakshmi Puja: भारत में मनाया जाने वाला सबसे बड़ा हिंदू त्यौहार diwali को दीपों का त्यौहार भी कहा जाता है| इस दिवाली लक्ष्मी पूजा कैसे करें ये जानने के लिए ही आप इस पोस्ट पर आए है तो चलिए शुरू करते है|

मान्य्तायों के अनुसार diwali अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है| दिवाली बहुत ही लोकप्रिय और सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है| हर भारतीय परिवार में दीवाली का जश्न एक सप्ताह के लिए मनाया जाता है| प्रत्येक दिन अलग-अलग कार्यक्रम होते हैं|

अनुक्रम

Lakshmi Puja कब है?

Lakshmi Puja दिवाली के दिन ही की जाती है इस बार दिवाली 14 नवम्बर, 2020 को है .इस बार छोटी दिवाली और बड़ी दिवाली एक ही दिन पड़ रही है. 15 नवम्बर की अमावस्या होने पर भी इस बार दिवाली 14 नवम्बर को मनायी जाएगी क्यूंकि इस बार द्वादशी 12 नवंबर 2020 को रात 9:30 मिनट से त्रयोदशी (धनतेरस ) शुरू हो जाएगी जो 13 नवंबर की शाम 5 बजकर 59 मिनट तक रहेगी. उसके बाद चतुर्दशी आरंभ होगी जो 14 नवंबर को दोपहर  1 बजकर 16 मिनट तक रहेगी. उसके बाद अमावस्या शुरु हो जाएगी जो 15 नवंबर को सुबह 10 बजकर 16 मिनट  तक रहेगी.

मगर दिवाली की पूजा रात में ही होती है इसलिए 14 नवबंर को दिवाली मनाई जाएगी. लक्ष्मी पूजन के दिन ही नरक चतुर्दशी भी मनाई जाएगी क्यूंकि चतुर्दशी 13 नवम्बर से शुरू होकर 14 नवम्बर तक रहेगी . दाद तथा स्नान 15 नवम्बर को ही किया जायेगा

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केलेंडर लिस्ट

दिवाली का पहला दिन (12 नवम्बर 2020, गुरुवार) द्वादशी, गोवत्स द्वादशी :

गोवत्स द्वादशी एक हिंदू त्योहार है जो धनतेरस से एक दिन पहले सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन, गायों और बछड़ों की पूजा की जाती है और इसे नंदिनी व्रत भी कहा जाता है

दिवाली का दूसरा दिन (13 नवम्बर 2020, शुक्रवार) त्रयोदशी, धनतेरस, काली चौदस, हनुमान पूजा :

धनतेरस

धन और समृद्धि का उत्सव माना जाता है. यह त्योहार दिवाली की शुरूआत होती है. पूरे भारत में हिंदू, इस दिन समृद्धि, खुशहाली, धन,और खुशी के लिए देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं

काली चौदस

काली चौदस पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े धार्मिक त्यौहार में से एक है.मां काली देवी को दुर्गा का सबसे आक्रामक रूप माना गया है

हनुमान puja

हनुमान puja को लेकर मान्यता यह है कि दिवाली का उत्सव 14 वर्ष के वनवास के बाद देवी सीता और भगवान हनुमान के साथ भगवान श्री राम की अयोध्या वापसी का उत्सव मनाता है। इस दिन, भगवान श्री राम ने घोषणा की थी कि उनकी भक्ति के कारण भगवान हनुमान की हमेशा उनसे भी पहले पूजा की जाएगी 

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दिवाली का तीसरा दिन (14 नवम्बर 2020, शनिवार) —> चतुर्दशी, नरक चतुर्दशी, दिवाली, लक्ष्मी पूजा

नरक चतुर्दशी

नरक चतुर्दशी एक हिंदू त्यौहार है जो diwali से एक दिन पहले मनाया जाता है अगर दुसरे शब्दों में कहे तो यह छोटी diwali वाले दिन मनाया जाता है यह त्यौहार दानव नरकासुर पर भगवान श्रीकृष्ण की जीत के लिए मनाया जाता है

लक्ष्मी पूजा Lakshmi puja

Lakshmi Puja दीवाली के मुख्य दिन पर की जाती है और लोगअपने परिवार की खुशी और समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं..Read Also

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दिवाली का चौथा दिन (15 नवम्बर 2020, रविवार) —> अमावस्या, दिवाली स्नान, दिवाली देवपूजा, गोवर्धन पूजा, अन्नकूट

अमावस्या के दिन भगवान श्री गणेश जी और श्री लक्ष्मी जी की नई मूर्तियों की पूजा की जाती है. लक्ष्मी-गणेश पूजा के साथ साथ , कुबेर पूजा और बहि-खाता पूजा भी होती है

गोवर्धन पूजा

गोवर्धन पूजा दिवाली के एक दिन बाद मनाया जाता है. गोवर्धन पूजा कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की ‘एकम’ या पहले चंद्र दिन पर आती है

गोवर्धन पूजा को अन्नकूट पूजा भी कहते है

दिवाली का पांचवां दिन (16 नवम्बर 2020, सोमवार) —> प्रतिपदा,  भैया दूज, भौ बीज, यम द्वितिया

भैया दूज

भैया दूज को भाई टीका भी कहा जाता है. यह एक हिंदू भाई-बहन का त्योहार है. भैया दूज हिंदू महीने कार्तिका में शुक्ल पक्ष के दूसरे दिन आता है.

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त कब है ?

इस साल diwali lakshmi puja का शुभ मुहूर्त 14 नवंबर को शाम 05:28 बजे से शाम 07:24 बजे तक है (1 घंटा 56 मिनट) और प्रदोष काल शाम 05:27 से शाम 08:07 तक रहेगा. इसके साथ ही अमावस्या की तिथि 14 नवंबर को दोपहर 02:17 बजे से 15 नवंबर को सुबह 10:36 बजे तक ही रहेगी. 

Lakshmi Puja की सामग्री :

  1. रोली
  2. कच्चा अनाज (चावल)
  3. पूजा की थाली
  4. फूल
  5. अगरबत्ती
  6. सुगंध
  7. देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश और देवी सरस्वती की तस्वीर या फिर मूर्ति
  8. एक लाल कपड़ा
  9. चौकी
  10. सुपारी
  11. कपास के बीज
  12. कमल के फूल के बीज
  13. सूखी हल्दी (पूरी)
  14. चांदी का सिक्का
  15. मिठाईयां
  16. पैसे या सिक्के
Lakshmi Puja
lakshmi puja

Lakshmi Puja कैसे करें?

lakshmi puja की तैयारी करते वक्त माँ देवी लक्ष्मी, देवी सरस्वती और इनके साथ भगवान गणेश की मूर्तियों की स्थापना शामिल होती है. फिर इसके बाद मिठाई, चावल और भोग की प्रस्तुति की जाती है.उसके बाद लक्ष्मी जी की आरती की जाती है और इसके बाद पूरे घर को दीयों से सजाया जाता है.

Lakshmi Puja करने की विधि :

  • पूजा की जगह पर चौकी रखें और उस पर लाल कपड़ा फैला दीजिये
  • अब माँ देवी लक्ष्मी, सरस्वती और भगवान गणेश की फोटो या मूर्ति रख दीजिये, इसके बाद भगवान श्री विष्णु, कुबेर और इंद्र के नाम के देवी लक्ष्मी फोटो के सामने कच्चे चावल के 3 ढेर रख दीजिये
  • पूजा शुरू करने से पहले एक दिया जला दीजिये ध्यान रहे यह दिया बाकी दीयों से बड़ा हो, और यह दिया रात भर जलना चाहिए और इसके अलावा अगरबत्ती भी जला दीजिये
  • अब भगवान श्री गणेश को लक्ष्मी पूजा के दौरान आने और सभी बाधाओं को दूर करने के लिए आमंत्रित करें, भगवान गणेश के माथे पर रोली और अक्षत (कच्चे चावल) का तिलक लगा दीजिये. भगवान गणेश को सुगंध, फूल, धूप , मिठाई और मिट्टी के दीये अर्पित कीजिये
  • इसके बाद माँ लक्ष्मी पूजा शुरू कर दीजिये. देवी लक्ष्मी के माथे पर रोली और अक्षत (कच्चे चावल) का तिलक लगाइये. देवी लक्ष्मी को सुगंध, फूल, धूप, मिठाई और मिट्टी के दीपक अर्पित कीजिये.अब कपास के बीज, सुखी हल्दी, चांदी का सिक्का, नोट या नोटों की गड्डी, सुपारी और कमल के फूल के बीज देवी लक्ष्मी को अर्पित कीजिये
  • इसके बाद भगवान विष्णु को सुगंध, फूल, धूप, मिठाई, फल और मिट्टी के दिये अर्पित कीजिये
  • अब धन के देवता भगवान श्री कुबेर जी से प्रार्थना करें. और उन्हें मिट्टी के दिये , सुगंध, फूल, धूप और मिठाई अर्पित करके भगवान कुबेर की पूजा कीजिये
  • अब इसके बाद समृद्धि देने के लिए भगवान श्री इंद्र देव से प्रार्थना करें,और उन्हें भी सुगंध, फूल, धूप, मिठाई और मिट्टी के दिये अर्पित करके भगवान इंद्र की पूजा करें
  • अब इसके बाद देवी सरस्वती की पूजा करें. देवी सरस्वती के माथे पर तिलक लगाकर उनपर अक्षत (कच्चे चावल) लगायें , सुगंध, फूल, धूप, मिठाई और मिट्टी के दीपक अर्जीपित कीजिये
  • अब तस्वीर में हाथियों की पूजा करिये. देवी लक्ष्मी के हाथियों को गन्ने की एक जोड़ी अर्पित करें.
  • लक्ष्मी आरती करके पूजा को समाप्त करें.
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