कंप्यूटर क्या है ? Computer kya hai in hindi

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Computer kya hai ? आज के समय मे कंप्यूटर का महत्व बढ़ता जा रहा है। हमारी जिंदगी मे Computer एक बहुत महत्वपूर्ण भाग बन गया है। आज आप यह आर्टिकल भी किसी तरह के कंप्यूटर मे पड़ रहे है। तो आज हम इस Computer kya hai ? इसकी थोड़ी चर्चा करेंगे। और जानेंगे कि आखिर computer kya hai , कंप्यूटर कैसे काम करता है और कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं।

अनुक्रम

कंप्यूटर क्या है ? ( Computer kya hai )

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो मनुष्य के निर्देश पर तर्कपूर्ण गणनाएं करती है। कंप्यूटर की परिभाषा समय के साथ बदलती आयी है। पहला कंप्यूटर, अबेकस, एक आम उपकरण था जिसका इस्तेमाल सिर्फ गणना करने के लिए किया जाता है। मगर आज के आधुनिक कंप्यूटर्स, कई तरह की अंक-गणित और तार्किक गणना करने मे सक्षम है। इसके अलावा इनमे Computer Programing के जरिये कई सॉफ्टवर्स भी डाले जाते है, जो कई अलग-अलग तरह के कार्य करते है। इन्ही कंप्यूटर प्रोग्राम्स के जरिये कंप्यूटर आज कई तरह के काम करके मानव जीवन को काफी आसान बना देता है।

कंप्यूटर की परिभाषा।

“कंप्यूटर एक ऐसा उपकरण है, जो अपने यूज़र के दिए हुए डाटा को निर्देशानुसार प्रोसेस करता है और नतीजो को पेश करता है”। यह परिभाषा अबेकस से लेकर आजके Advance Computers तक सभी पर लागू होती है।

ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरी के अनुसार “कंप्यूटर एक स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक मशीन है, जो अनेक प्रकार की तर्कपूर्ण गणनाओ के लिये प्रयोग किया जाता है”

Computer

कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं?

Computers को मुख्य रूप से तीन भागो मे विभाजित किया जा सकता है:-

  • कार्यप्रणाली के आधार पर
  • उद्देश्य के आधार पर
  • आकार के आधार पर

कार्यप्रणाली के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार


एनालॉग कंप्यूटर(Analog Compouter) : एनालॉग कंप्यूटर्स के इस्तेमाल भौतिक मात्राओं को नापने के लिए किया जाता है। भौत्रिक मात्राएँ माने “physical quantities” जैसे तापमान, तबाव, वोल्टेज या गति। एनालॉग कंप्यूटर्स के मुख्य उदाहरण थर्मामीटर और स्पीडोमीटर है।

डिजिटल कंप्यूटर (Digital computer) डिजिटल कंप्यूटर वो Computer होते है जी बाइनरी कोडिंग के जरिये चलते है। इनमे कई तरह की प्रोग्रामिंग का भी इस्तेमाल किया जाता है। अभी जिस डिवाइस से आप यह आर्टिकल पड़ रहे है वो भी एक डिजिटल कंप्यूटर है। इसके अलावा डेस्कटॉप, पर्सनल कंप्यूटर, लैपटॉप, टेबलेट, स्मार्टफोन आदि भी इसी श्रेणी मे आते है।

हाइब्रिड कंप्यूटर(Hybrid Computer):- हाइब्रिड कंप्यूटर उन कंप्यूटर्स को कहा जाता है जिनमे डिजिटल और एनालॉग कंप्यूटर, दोनो के गुण होते है। ऐसे कंप्यूटर्स का इस्तेमाल विशेष जगहों पर ही किया जाता है। आमतौर पर इनका इस्तेमाल वैज्ञानिक गणनाओ, रक्षा प्रणालियो और बड़े-बड़े उद्योगों मे किया जाता है।

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उद्देश्य के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार

सामान्य कंप्यूटर(General Purpose Computer):- यह वो कंप्यूटर होते है जिनको सामान्य कार्यो के लिए बनाया जाता है। आमतौर पर ऐसे कंप्यूटर कंपनी अपने हिसाब से बनाती है और फिर ग्राहक अपने मनपसन्द फ़ीचर्स के अनुसार उनमे से कोई कंप्यूटर खरीद लेते है। डेस्कटॉप, पर्सनल कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्टफोन आदि इसी के उदाहरण है।

विशेष कंप्यूटर(special purpose computer):- इन कम्प्यूटर्स का निर्माण किसी एक विशेष कार्य को करने के लिए किया जाता है। ऐसे विशेष कंप्यूटर मे सिर्फ वही उपकरण और फ़ीचर्स होते है जो कि उसके यूजर को चाहिए होते है। विशेष कंप्यूटर्स का इस्तेमाल ट्रैफिक कण्ट्रोल(trafic control), मौसम विभाग(weather department) और कई अन्य जगहों पर किया जाता है।

आकार के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार

सुपर कंप्यूटर(Super Computer):- सुपेर-कंप्यूटेर बहुत ही आधुनिक, शक्तिशाली और तेज़ होते है। इंकिस प्रोसेसिंग पावर बाकी अन्य कंप्यूटर्स से बेहद ज्यादा होती है। इनका उपयोग बहुत ही ख़ास कार्यो जैसे मौसम की भविष्यवाणी मे किया जाता है।

मेनफ़्रेम कंप्यूटर(Main Frame Computer):- मेनफ़्रेम कंप्यूटर भी काफी शक्तिशाली कंप्यूटर होते है। इनका इस्तेमाल बड़े बड़े संगठनों द्वारा किया जाता है। यह साइज मे काफी बड़े होते है और इनकी प्रोसेसिंग पावर, स्पीड और स्टोरेज क्षमता भी आम कंप्यूटर के मुकाबले कई गुना ज्यादा होती है।

माइक्रो कंप्यूटर(Micro Computer):- यह आम लोगो द्वारा सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला कंप्यूटर है। यह एक सामान्य से साइज का होता है और लोगो के निजी कार्य के लिए काफी मददगार रहता है। सभी डेस्कटॉप(desktop) और पर्सनल कंप्यूटर(personal computer) इसी श्रेणी मे आते है।

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कंप्यूटर के कितने भाग होते हैं?

कंप्यूटर की सम्पूर्ण संरचना को मुख्यतौर पर छह हिस्सो मे बाटा जा सकता है:-

इनपुट यूनिट(Input Unit)
इनपुट यूनिट मे वो सभी डिवाइस आते है जिनके इस्तेमाल से कंप्यूटर को यूजर द्वारा डाटा और निर्देश भेजे जाते है। माउस(mouse), कीबोर्ड(keyboard), टच-स्क्रीन(touch screen) आदि इसी के अंदर आते है।

सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट(Central Processing Unit)
CPU कंप्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है। यह कंप्यूटर के मस्तिष्क की तरह काम करता है। यही पर यूजर दिए गए डाटा को प्रोसेस किया जाता है और नतीजो मे बदला जाता है।

अरिथमेटिक एंड लॉजिक यूनिट( Arithmetical And Logical Unit)
ALU किसी कंप्यूटर के अंदर एक कैलकुलेटर की तरह होता है। सारी अंक-गणनाएं जैसे जोड़ना, घटना आदि इसी यूनिट के द्वारा की जाती है।

कण्ट्रोल यूनिट(Control Unit)
यह कंप्यूटर का वो भाग होता है जो कि कंप्यूटर के बाकी सभी भागो को नियंत्रित करता है। इसका मुख्य कार्य इनपुट डिवाइस से डाटा लेकर उसको CPU पर भेजना और नतीजो को CPU से आउटपुट डिवाइस पर भेजने का होता है।

मेमोरी यूनिट(Memory Unit)
Memory Unit को कंप्यूटर की सेंट्रल स्टोरेज यूनिट(Central Storage Unit) भी कहते है। यहाँ पर यूजर द्वारा दिए गए डाटा को प्रोसेस करने के लिए स्टोर किया जाता है। इसके बाद नतीजो को भी यहाँ अस्थायी और स्थायी दोनों रूप से जरूरत के अनुसार स्टोर किया जाता है। RAM और ROM इसी भाग के अंदर आते है।

आउटपुट यूनिट(Output Unit)
यह वो भाग है, जो कंप्यूटर द्वारा प्रोसेस किये गए नतीजो को यूजर को दिखाता है। इसके अंदर स्पीकर, मॉनिटर स्क्रीन, प्रिंटर आदि हार्डवेयर आते है।

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कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया?

विश्व के पहले मैकेनिकल Computer का अविष्कार “चार्ल्स बैबेज” ने किया था। इनके पहले Computer का नाम, दा डिफरेंस इंजन(the difference engine) था। इसके बाद इन्होंने एनालिटिकल इंजन(analytical engine) नाम का एक Computer भी बनाया था। जिसकी नीव पर ही आज के सभी कंप्यूटर काम करते है। इसलिये इनको कंप्यूटर का पिता(father of computer) भी कहा जाता है।

कंप्यूटर कैसे काम करता है?

कंप्यूटर की कार्य-प्रणाली को तीन भागों मे बाँटा जा सकता है:- डाटा लेना(input), उसको प्रोसेस करना(processing) और नतीजे पेश करना(output)

डाटा लेना(Input Of Data)
एक कंप्यूटर सबसे पहले अपने यूज़र से कुछ डाटा लेता है। यह डाटा कीबोर्ड, माउस, माइक्रोफोन या टच-स्क्रीन जैसे इनपुट डिवाइस द्वारा लिया जाता है।

डाटा को प्रोसेस करना(Processing Of Data)
डाटा लेने के बाद, CPU द्वारा उस डाटा को प्रोसेस किया जाता है और यूजर के दिशानिर्देश अनुसार जानकारी मे बदला जाता है।

जानकारी को पेश करना(Output Of Information)
डाटा को जानकारी मे बदलने के बाद उसको आउटपुट डिवाइस द्वारा यूजर को दिया जाता है।

इसी प्रणाली के इस्तेमाल से कंप्यूटर आसान से आसान और जटिल से जटिल कार्य करता है।

कंप्यूटर का इतिहास

आज के कंप्यूटर की शुरुआत एक कैलकुलेटर की तरह हुई थी। जी हाँ, आज जो सिर्फ आपके कंप्यूटर मे एक छोटा सा सॉफ्टवेर है जिसका इस्तेमाल भी आप कभी कभी ही करते होंगे। पहले वही बनाना लोगो का मुख्य लक्ष्य था। इसकी शुरुआत हुई थी 2500 वर्ष पुर्व चीन मे, जब वहां अबेकस का आविष्कार हुआ।

अबेकस एक साधारण सा उपकरण था जिसका इस्तेमाल जोड़ने घटाने के लिए किया जाता था। बाद मे उसमे भी समय के साथ बदलाव करके गुणा, भाग और अन्य फ़ीचर्स डाले गए। लेकिन बड़ा बदलाव चार्ल्स बैबेज ने “the difference engine” का अविष्कार किया जो कि पहला प्रोग्रामेबल कंप्यूटर था। उसके कुछ वर्ष बाद ही उन्होंने उसमे कुछ बदलाव करके “analytical engine” का अविष्कार किया।

Analytical Engine उस समय के हिसाब से काफी आधुकिन कंप्यूटर था। उसमे आप डाटा इनपुट कर सकते थे और वो एक प्रिंटर की मदद से आउटपुट देता था। हालांकि, ये कंप्यूटर बनाना बहुत मुश्किल था क्योंकि इसमें बहुत सारे पार्ट्स लगाने पड़ते थे। चार्ल्स बैबेज के बेटे “हेनरी बैबेज” ने बाद मे 1907 मे इसको थोड़ा सरल रूप दिया था।

फिर धीरे धीरे करके कंप्यूटर की पांच पीड़िया आयी और आज हम पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर का ही इस्तेमाल करते है। इसमें कृत्रिम दिमाग होता है और ये खुद ही पुरानी चीज़ों से सीखता रहता है। अभी यह अपने शुरुआती दौर में है। कुछ 5-10 साल मे यह अपनी चरम सीमा तक विकसित हो जाएगा।

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कंप्यूटर का भविष्य


कंप्यूटर का भविष्य अभी पूर्ण तरीके से निर्धारित नही है। कुछ चीज़ें है जो आने वाले भविष्य मे देखने को जरूर ही मिलेंगी जैसे:- कृत्रिम दिमाग, सब चीज़ों का इन्टरनेट से जुड़ जाना(internet of things), बहतर ऑपरेटिंग स्पीड और प्रोसेसिंग पावर।

मगर इसके कई और भी ऐसे क्षेत्र है जहाँ खोज चल रही है और अगर कोई भी अनुसन्धान कामयाब होता है तो हमको बिलकुल ही नए प्रकार के कंप्यूटर देखने को मिल सकते है। इसका सबसे अच्छा उदाहरण है क्वांटम कंप्यूटर्स। अभी भी ऐसे कई कार्य है जो आज के कंप्यूटर नही कर सकते लेकिन ऐसा क्वांटम कंप्यूटर के साथ नही होगा। यह इतना शक्तिशाली होगा कि कंप्यूटर जगत मे क्रांति ला देगा।

इसके अलावा कृत्रिम बुद्धिमत्ता(artificial intelligence) से भी भविष्य मे काफी उम्मीदें है। यह यूजर की आवाज़ सुनके उसके हिसाब से कार्य करेगी, बिलकुल alexa और google assistant की तरह। इसका अपना भी काफी शक्तिशाली दिमाग होगा तो कई ऐसे कार्य जो आज इंसान करते है, बाद मे कृत्रिम बुद्धि वाले कंप्यूटर्स किया करेंगे।

कंप्यूटर का महत्व क्या है?

आज के समय मे कंप्यूटर का महत्व बस इसी बात से समझा जा सकता है कि आज हर इंसान के पास एक कंप्यूटर तो होता ही है, चाहे फिर वो स्मार्टफोन हो, लैपटॉप हो या पर्सनल कंप्यूटर। आज रक्षा प्रणाली से लेकर वैज्ञानिक अनुसन्धानों तक हर जगह कंप्यूटर एक अहम किरदार निभाता है। सभी कम्पनी व सरकार इसकी मदद से ही चलती है।

आज कोरोनावायरस के समय मे भी कंप्यूटर का महत्व कम होने की जगह बड़ा ही है। आज सभी विद्यालय, सरकार और कंपनियां वीडियो-कॉन्फ़्रेंसिंग(video conferencing) के जरिए कार्य कर रहे है। और ये सब कुछ कंप्यूटर की वजह से ही सम्भव हो पाया है।

तो इससे हम अच्छे से समझ सकते है कि आज के समय मे कंप्यूटर कितना महत्वपूर्ण है।

कंप्यूटर के फायदे

कंप्यूटर के फायदे


आज के जटिल कंप्यूटर्स के इतने सारे फायदे है जिनको शायद एक आर्टिकल मे समझाना संभव भी न हो पाए। लेकिन चलिये इनमे से कुछ प्रमुख फायदों की बात करते है:-

मल्टी-टास्किंग(Multitasking)
एक कंप्यूटर एक साथ कई अलग-अलग कार्य कर सकता है। इसमें आप गेम खेलते-खेलते गाने सुन सकते है और इस बीच कोई फाइल अपलोड या डाउनलोड कर सकते है। इस तरह एक साथ कई अलग-अलग तरह के कार्य करने की क्षमता सिर्फ कंप्यूटर मे ही होती है।

तेज़ी(Speed)
कंप्यूटर एक मानव से बहुत ज्यादा तेज़ होता है। जो गणना करने मे इंसानों को घण्टो लग सकते है वो गणनाएं एक कंप्यूटर एक सेकंड मे कर सकता है। इसके अलावा कोई फाइल ढूंढनी हो या कोई जानकारी अपडेट करनी हो। कंप्यूटर ये सभी काम इंसानों से काफी तेज़ी से करता है। और इससे मानव सभ्यता का काफी समय बचता है।

भंडारण क्षमता(Storage Capacity)
एक कंप्यूटर की स्टोरेज करने की क्षमता बहुत ज्यादा होती है। इसमें आप कितनी भी जानकारी इकट्ठी कर सकते है और उसको सेकंडों मे अपने सिसेटम मे ढूंढ सकते है। ऐसा बिना कंप्यूटर के करना लगभग असंभव है। न ही इंसानी दिमाग और न ही किताबे कंप्यूटर से ज्यादा जानकारी उतने ही सस्ते दाम मे इकट्ठा कर सकती है।

सटीकता(Accuracy)
किसी इंसान द्वारा करे गये किसी कार्य पर विश्वास करने से पहले उसको सत्यापित या verify करना पड़ता है। मगर कंप्यूटर मुश्किल से मुश्किल सवालों का इतनी सटीकता से जवाब देता है कि उनपर किसीको थोड़ा सा सन्देह मात्र भी नही होता। और यही कंप्यूटर द्वारा कोई कार्य करना का सबसे बड़ा फायदा है।

संचार (Communication)
कंप्यूटर के द्वारा किसी से बात करना या अपनी बात पहुचाना बहुत आसान होता है। ईमेल, फेसबुक आदि का इस्तेमाल करके हम इन्टरनेट से किसी भी व्यक्ति के साथ संपर्क कर सकते है। चाहे वह हमसे कितना ही दूर क्यों न हो। इस तरीके से हमारा समय और पैसा दोनों की काफी बचत होती है।

कंप्यूटर के नुकसान

कंप्यूटर के नुकसान


हर वस्तु और उपकरण की तरह कंप्यूटर के भी दो पहलू है। इसके इस्तेमाल की भी कुछ हानिया है। जिनमे से कुछ इस प्रकार है:-

हैकिंग(Hacking)
कंप्यूटर को हैक किया जा सकता है। और इसमें से आपका डाटा आसानी से चोरी किया जा सकता है। इसके अलावा इसमें अलग-अलग तरह के वायरस भी इसकी कार्य करने की क्षमता पर असर डालते है। यह कंप्यूटर को एक काफी असुरक्षित उपकरण बना देता है।

हालांकि अगर आप अच्छी क्वालिटी का एंटी-वायरस प्रोग्राम इस्तेमाल करते है तो ऐसा होने के सम्भावना कम हो जाती हैं। इसके आलावा आप VPN का इस्तेमाल करके भी अपने कंप्यूटर को सुरक्षित रख सकते है।

साइबर-क्राइम (Cyber Crime)
कुछ लोगो द्वारा इंटेरनेट पर कितने भी लोगो को संपर्क करने की क्षमता का गलत इस्तेमाल किया जाता है। कई आतंकवादी संगठन इसका उपयोग करके लोगो को टारगेट करते है। इसके अलावा कुछ लोग दूसरों को ऑनलाइन परेशान(harass) करने लग जाते है। व उनकी निजी जानकारी को सार्वजनिक कर देते है। जिससे उन लोगो को काफी परेशानी होती है।

रोजगार का कम होना(Less Employment Opportunities)
एक कंप्यूटर अकेले ही कई मानवो का कार्य कर सकता है। और यह काफी सस्ता भी पड़ता हैं। इसलिए लोगो के लिए रोज़गार के अवसर कम हो जाते है और देश मे बेरोज़गारी बढ़ने लगती है। और जैसे जैसे computer आधुनिक हो रहा है, यय समस्या बड़ी होती जा रही है।

समय बर्बाद करना(Time Wastage)
computer पर कई रोमांचक गेम्स व वीडियोस भी होती है। जिनको लोग मनोरंजन के लिए खेलते व देखते रहते है। इससे उनका कीमती समय बर्बाद होता है। कुछ लोगो को तो इनकी लत लग जाती है। और वो इससे कई महत्वपूर्ण काम छोड़के भी इन्ही मे समय बर्बाद करने लग जाते है।

आँखे कमजोर करना( Damaging Eyes)
computer से काफी हानिकारक किरणे निकलती है जो आँखों पर बहुत भारी प्रभाव डालती है। इसलिए जिन लोगो को पूरे दिन कंप्यूटर का इस्तेमाल करना होता है उनकी आँखें इससे कमजोर हो जाती है। और उनको चश्मे का इस्तेमाल करना पड़ता है। पिछले सालों के डाटा के अनुसार computer के इस्तेमाल के बढ़ने के साथ-साथ चश्मा पहनने वाले लोगो मे भी व्रद्धि हुई है।

Computer Technology के संधर्ब में हाल ही में आए बदलाव :

बदलते वक्त में Computer Technology में कई बड़े बदलावों और Advancement के साथ ही Computer Usage और साथ ही Computer के User reach में भी खासा फर्क आया हैं।

इस मामले में सबसे बड़ा योगदान हाल ही में Covid19 (Corona Virus) का भी हैं, क्योंकि इसी दौरान दुनियाभर के करोड़ों लोगों ने अपने घरों में बंद रहकर Internet के जरिए दुनिया से जुड़ना सीखा।

और ना केवल Networking बल्कि Computer का इस्तेमाल Educational – Online Classes और Study from home जैसे कामों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ, इसमें Basic Computer Hardare जैसे PC setup, Web-Cam, Internet Connection (Broadband, Wireless Conections) के साथ ही Zoom, Google meet जैसे Online meeting/Video Conferencing Software की जरूरत पड़ती हैं।

वहिं अगर पढ़ाई से हटकर देखें तो Internet ने इस दौरान मझले और छोटे व्यपारियों को Online Business शिफ्ट करने के लिए भी प्रोतसाहन दिया।

जिसके अंतर्गत देशभर में कई नए e-commerce start-up और Reselling Business ने जन्म लिया हैं, वहिं अगर इसी के साथ Digital marketing को भी जोड़कर देखा जाए तो इसका क्षेत्र पहले से कई ज्यादा बड़ा हो जाता हैं, क्योंकि कोरोना काल में कई लोगों ने वक्त का सदुपयोग करते हुए कई Internet skills को हासिल किया, जिसका इस्तेमाल वह मौजदा वक्त में एक Freelancer और Content Marketers के तौर पर कर रहे हैं।

Computer के दो मुख्य अंग :-

Computer Components को उनकी भौतिक बनावट, या फिर उनके अस्तित्व के आधार पर दो अलग-अलग भागों में विभाजीत किया गया हैं :- 1. Hardware और 2. Software.

वास्तव में इन दोनों ही भागों की अपनी अलग-अलग विष्टताएँ हैं, और ये दोनों ही अलग-अलग कार्यों को करते हैं, मगर उसके बावजूद भी इन्हें एक दूसरे का पूरक माना जाता हैं, आइए इन दोनों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

Hardware क्या होता हैं?

Computer के संधर्ब में “Hardware” का अभिप्राय Computer के Physical Structure और Machinery से होता है।

ये Computer का वो अंग होता हैं, जिसे आप अपनी आँखों से देख और हाथों से छू सकते है, असल में ये एक materialistic (भौतिकवादी) कंप्यूटर कॉम्पोनेंट होता हैं।

और Hardware पर ही Software आधारित होता हैं, इसलिए Hardware को Software का पूरक भी कहा जाता है।

Hardware का उदाहरण :- Cpu, Gpu, Ram, Rom etc.

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Software क्या होता हैं?

वास्तव में Software कुछ और नहीं बल्कि वो Applications और Softwares होते हैं जिन्हें की आप अपने Computer पर चलाते हैं, असल में आप उन्हें हाथों से छू नहीं सकते मगर उनमें मौजूद Features का इस्तेमाल करके आप अपने कई सारे कामों को अंजाम दे सकते हैं।

बेहतर समझने के लिए, मसलन जब भी आप अपने PC पर Internet चलाते है तो आपको अपने Device पर किसी भी Browser की जरूरत पड़ती हैं, जो कि एक Software हैं।

और जिन मशीनों के कारण दुनियाभर में Internet की व्यवस्था कायम हैं जैसे Broadband Routers, Optic fibre cables, Servers आदि सब कुछ Hardware हैं।

Computer Softwares का प्रमुख उदहारण Mozilla Firefox browser, Adobe Photoshop, Ms word आदि हैं।

और ना केवल ये सभी सॉफ्टवेयर प्रोग्राम्स बल्कि Windows, Linux और MAC जैसे Operating Systems (OS) भी Software का ही एक रूप हैं।

Top 10 Hidden Features of Computer हिंदी में !

  1. “Change System Lock Without Using Control Panel”

अक्सर ऐसा होता हैं कि हमें अपने Computer के Password को Change करने की जरूरत होती हैं, मगर हम बगैर Control panel का इस्तेमाल करें, बिना Existing password को डाले अपने PC का Password Change करना चाहते हैं, तो ये Trick आपके लिए ही हैं।

इसके लिए सबसे पहले आपको अपने PC का “Command Prompt” खोलना होगा, जिसके लिए आपको All Programs Panel के नीचे दिए गए Search toool में CMD टाइप करना होगा और आपके सामने Command Prompt एप्लिकेशन खुल जाएगी।

जिसके बाद आपको उसपर Right Click करके “Run as administrator” को Select करना होगा।

और अब आपके सामने एक Code pad खुलकर आ जाएगा, जिसमें की आपको “net user” की Command को डालना होगा।

जिससे कि आपकि Computer screen पर आपके Computer के सभी Users और Accounts दिखने लगेंगे, और अब आपको Password बदलने के लिए net user (Space छोड़कर) Computer administrator का नाम लिखना होगा, मिसाल के लिए अगर किसी Computer administrator का नाम Gautam हैं तो आपको “net user gautam” और उसके बाद एक Space देकर जो कोई भी नया Password आप Set करना चाहते हैं, उदहारण के लिए हम “911911911” को अपना Password Set करना चाहते हैं तो हमें “net user gautam 911911911” Type कर Enter करना होगा।

और बस आपका नया Password set हो जाएगा।

  1. “Open Task manager with one click !

आज तक आप अपने Computer में “Task manager” खोलने के सिर्फ दो ही Methods जानते होंगे, पहला या तो All programs पर जाकर Search bar में “Task manager” को ढूंढना अन्यथा अपने Keyboard का इस्तेमाल करते हुए “Ctrl+Alt+Del” (Control key + Alt key + Delete key) जैसी Shortcut key का Use कर Task manager प्रोग्राम तक पहुँचना, पर क्या आप जानते हैं…

task bar को खोलने के लिए आप ctrl+shift+esc

Block any particular Website in your Browser !”

अगर आप भी Internet Surfing के लिए अपने PC का इस्तेमाल करते है to ऐसे में अक्सर आपको किसी एक पर्टिकुलर वेबसाईट को ब्लोक करने की जरूरत पद सकती है, इसके कई अलग-अलग कारण हो सकते है जिसमें की किसी एक Website से लगातार आ रही Unwanted Notifications और toogle ads वो प्रमुख कारण है, जिसके चलते अलग-अलग websites को Browsers पर block किया जाता है।

अपने Computer के browswer पर किसी भी Website को block करने के लिए आपको ये कुछ Steps follow करने होंगे, तो आयिए जानते हैं :-

सबसे पहले आपको Menu search में RUN लिखकर Search करना हैं, जिसके बाद Run नाम की एक Desktop app निकलकर सामने आ जाएगी, और अगर आप इतना लंबा Procedure follow नहीं करना चाहते तो आप सीधे ही ⊞ + R (Windows key + R) की Command देनी होगी।

जिसके बाद आप अपनी Computer Screen के Left bottom पर एक Feature menu देखेंगे जिसमें Open: के विकल्प के सामने %Windir%\system32\drivers\etc लिखकर Ok पर Click करना होगा।

Ok पर क्लिक करते ही, आपके सामने कई सारी Files नजर आएंगी जिसमें आपको “hosts” File पर Right click करके “Open with” कर Notepad पर खोलें।

जिसके बाद आपको एक local ip adress की last term को 1 से बदलकर 2 करना होगा मसलन, 127.0.0.1 से बदलकर 127.0.0.2 करना होगा।

और ठीक इसके बाद आपको इस ip adress को Paste करके 127.0.0.3 और ठीक इसके बाद जिस किसी भी Website को आप block करना चाहते हैं, उस website के नाम के आगे www और आखिर में .com लगाकर save करें, और वो website आपके browser के लिए block हो जाएगी।

Determine your Computer’s Gender :

अगर आपसे पूछा जाए कि आपके Computer का लिंग यानी Gendre क्या हैं!? तो शायद आपके पास इस सवाल का कोई जवाब भी नहीं होगा।

और बिल्कुल ये सवाल भी बेहद ही अटपटा और अस्पष्ट हैं, खैर Computer तो एक Machine हैं, और एक Machine का कोई लिंग कैसे हो सकता हैं।

मगर फिर भी आपकि जानकारी के लिए बता दें कि COMPUTER OS – Microsoft Windows में अलग-अलग Versions के हिसाब से उनके Gendre की Programing की जाती हैं।

और अगर आप अपने Computer का Gendre पता लागना चाहते हैं, तो आपको इस “SPEAK” नाम के Software को Install करना होगा, जिसके बाद आपके सामने एक Search bar आ जाएगा, और इसी Search bar में आपको कोई भी Word type करना होगा।

मसलन हम इसमें C-O-M-P-U-T-E-R यानी Computer लिखते हैं, तो बदले में आपके Device से TalkBack feature के चलते एक Voice message आएगा और इस Voice medsage में Male या Female दोनों में एक आवाज आएगी जो कि आपके लिखे हुए Text को Narrate (वर्णित) करेगी और ऐसे आप पता लगा लेंगे की आपका PC Male है या Female.

अगर ये चीज Literall नही है, तो क्या हुआ..? आप सभी को चन्द पल का FUN देने के लिए काफी हैं।

Enscrypting files & folders :-

अगर आप अपने Computers में पड़ी कुछ बेहद ही अहम और आपके लिए संवेदनशील Files की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं तो घबराइए मत!, क्योंकि हमारी ये trick आपके लिए ही हैं।

मगर उससे पहले आपको encryption का मतलब समझना होगा वास्तव में Computer के संधर्ब में किसी TEXT File में लिखा Content जो कि हिंदी या फिर English भाषा में हैं, उसके Manu codes में फेर-बदल करना ही escryption कहलाता हैं, नहीं समझें !, आइए हम समझाते हैं।

उदहारण के तौर पर मान लीजिए आपने अपने Windows PC के MS Word में एक Document create किया जिसमें आपने text के रूप में किसी जानकारी को लिखा और इसे encrypt कर दिया तो अगर अब कोई व्यक्ति आपकी इस File के text को Copy करके कहीं भी Paste करके Send या Share करने की कोशिश करेगा तो उसके हाथ ये लेगा “CVXYA.&$9.,” जी हां ये हैं Manipulated Manu codes, तो आइए अब हम इसे बनना सीखते हैं।

How to encrypt text in pc ?

किसी भी text file को encrypt करने के लिए आपको इन Simple steps को follow करना होगा :-

जिस किसी भी Folder या फिर File को आप encrypt करना चाहते हैं उसपर Right click कीजिए जिसके बाद आपके सामने एक Feature menu खुलकर आ जाएगा, जिसमें की सबसे नीचे दिए गए Properties के ऑप्शन पर क्लिक करें, जिसके बाद आपको एक बार Advanced पर क्लिक करना होगा, जिसके बाद सीधे ही आपको “encrypt” का विकल्प मिल जाएगा, इस पर क्लिक करें और अपनी किसी भी file को हमेशा के लिए अपना बना लें, क्योंकि अब इसपर कोई और चाह कर भी Access नहीं कर सकता हैं।

Loading… ये आर्टिकल लगातार Update किया जा रहा हैं, आप आगामी वक्त में और भी बेहतरीन Tricks और Hidden Features को यहां पाएंगे, आर्टिकल पढ़ने के लिए धन्यवाद।

Conclusion

जिस कंप्यूटर की शुरुआत सिर्फ गणितीय गणनाओ को आसान बनाने के लिए हुई थी। वो कंप्यूटर आज हर क्षेत्र मे मानव की सहायता कर रहा है। आज कंप्यूटर की वजह से ही हमारी दुनिया मे इन्टरनेट और डिजिटल क्रांति आयी है। और आज computer के आविष्कार के कई दशकों बाद भी इसको और विकसित करने की काफी गुंजाईश है। और हम इसमें भविष्य मे काफी भारी बदलाव देख सकते है।

आज के आर्टिकल में हमने जाना कि computer kya hai in hindi | इसके बारे में आपके जो भी सवाल है आप हमें नीचे comment करके बता सकते है | और आपको पूरा आर्टिकल कैसा लगा और इसके साथ ही आप हमारी website को subscribe जरुर करें |