Cibil score क्या होता है? Cibil score kya hota hai? Full information

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नमस्कार दोस्तो, Briefingpedia.com के इस नए Finance अंक में आपका स्वागत है और आज हम आपको Cibil score विषय पर विस्तृत जानकारी देने वाले है इस आर्टिकल में आप विशेषकर Cibil score जिसे आम तौर पर cibil score भी कहा जाता है, उस पर ही विशिष्ट जानकारी प्राप्त करेंगे, “Cibil score kya hota hai?” इस सवाल के अलावा आज के इस अंक में आप cibil score से ही सम्बंधित कुछ और अन्य जानकारियां जैसे – Cibil score कैसे चेक करें?, Cibil score कैसे बढ़ाएं? और तो और आपको ये भी बताएंगे कि आखिर आप कम से कम Cibil score में भी Credit card या Loan कैसे लें सकते है?

सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में प्राप्त करने के लिए पढ़ना जारी रखें।

Cibil score kya hota hai
Cibil score kya hota hai

अनुक्रम

Cibil score क्या होता है? (Cibil score kya hota hai?):-

जिंदगी में जब कभी भी आप भी आपको किसी भी तरह का Loan या Credit card लेना होता है तो हमेशा सबसे पहले Agencies और Banks आपके Cibil score को Check करते हैं, दरअसल Cibil score को ही credit score का नाम दिया गया हैं और हमारे इस विषय पर कुछ बताएं बगैर ही साफ तौर आप ये कह सकते है कि ये Bank और आपकी Financial credits से ही जुड़ी एक Terminology हैं, तो आइए अब इसके बारे में Details से जानते हैं,

Well वास्तव में Cibil score (credit score) का सीधा मतलब आपकि Financial History और Loans व EMIs की लेन-देन से जुड़ा होता हैं, मगर इसका मतलब यहिं तक महदूद नहीं होता बल्कि इसके कई और माजी मायने होते हैं मगर इतनी सब Technicalities में पढ़ने से पहले आइए असल जिंदगी का कोई उदहारण लेकर Cibil score के मतलब पर प्रकाश डालते हैं।

जिस तरह जब कभी आपका कोई दोस्त या रिश्तेदार आपसे उधार पैसे मांगने आता है और आप ये अंदाजा लगगकर ही उन्हें पैसे देतें है कि क्या वो व्यक्ति आपसे लिए हुए पैसों को वापस कर भी पाएगा या नहीं और इन्ही सब गणनाओं व अनुमानों को लगाने के बाद ही आप उन्हें पैसे उधार देतें हैं,

ठीक इसी तरह Banks और other Financial institutions आपकि माली हालत को बहुत से पैमानों पर आंककर Loans, Credit/EMI cards को issue करते हैं।

बैरहाल सरल भाषा में तो इतना काफी है मगर जब बात Finance की जटीलताओ के बीच घुसकर सम्पूर्ण और पूरा ज्ञान लेने की होती है तो उस वक्त ये Defination बदलकर कुछ अलग हो जाती है, और रुख इख्तियार करती है Finance के असल मायनो की, दरअसल जब कभी आप Loans व Credit cards को issue कराने के लिए Banks के पास जाते है तो आपकि Documentation से पहले ही Banks के पास आपकि Financial liabilities से जुड़ी सारी जानकारियां मौजूद होती है।

दरअसल इसके अंतर्गत मुख्यतः आपके Loan status पर Focus किया जाता है, इस Track record में Banks ये देखने की कोशिश करते है कि आपने बीते वक्त में कब-कब Loans लिए, उन Loans को क्या आपने पूरी तरह चुकाया, और अगर चुकाया तो क्या  इस बीच आपके Premiums या EMIs भरने में किसी तरह की कोई देरी या Defaults तो पेश नहीं आए और तो और Banks पास ये Data भी होता है कि मौजुदा वक्त पर आपके पास किसी Loan की कोई देनदारी बची, सच कहें तो इन Financial institutions के पास आपकि माया (धन-सम्पत्ति) से जुड़ी पूरी जन्म कुंडली होती हैं, तो सोच लीजिए कि आखिर Banks आपके Loans को Pass या Dismiss करने का फैसला कैसे लेते होंगे।

आपके इन्हीं Financial activities और Credits की जानकारी को इखट्टा कर कुछ Companies एक Credit data को तैयार करती हैं और यही Credit data वास्तव में आपकि Financial History को Describe करता हैं, वास्तव में ये कम्पनियां किसी भी Loan की अर्जी आने पर उस व्यक्ति के cibil score को जानने के लिए, इन्ही Credit companies से Data लेतें हैं, आपको बता दें आज के वक्त में मुख्यतः भारत में ऐसी चार कम्पनियां मौजूद हैं जिसमें की – CIBIL ; Highmark ; Experian और Equifix शामिल है, मगर अधिकतर Banks  CIBIL के ही Data को लेतें है इसी के चलते आम तौर पर लोगबाग Credit score को CIBIL Score कह देतें हैं।

तो उम्मीद है आप समझ गए होंगे कि cibil score kya hota hai? आईए अब इसके बारे में कुछ और जानकारी प्राप्त करें।

Cibil score कितना होना चाहिए

जैसा कि आपने जाना Credit card आपकी Financial history से जुड़े Data को Synthesized करके बनाया हुआ एक Calculative पैमाना होता हैं, और जहां तक बात इस Scale में range की है तो आपको बता दें ये Cibil score 300 से लेकर 900 के बीच की range में मापा जाता है। जिसमें की 300, Minimum (न्यून्तन) और 900 cibil score Maximum (अधिकतम) होता है।

जाहिर है आपका cibil score जितना 900 के आकंडें के नजदीक होगा, उतना बेहतर होगा, दरअसल 900 के नजदीकी cibil score को Excellent की श्रेणी में शुमार किया जाता है, यहां आपको ये भी बता दें कि 750 और उससे अधिक (750+) के cibil score को एक Sweet score माना जाता है इस cibil score के साथ आप लगभग सभी Banks और Financial institutions में Loans और Credit cards को लेने के Eligible होते है।

अब तक यह तो समझ चुके होंगे कि cibil score kya hota hai तो आइए अब बात करते है कि”Cibil score कैसे चेक करें?” पर, दोस्तो हम आपकों बता दें कि Cibil score या कह लें कि Credit score को Check करने की सुविधा आपके लिए बिल्कुल मुफ्त में available हैं, internet पर कई सारी ऐसी Financial websites है जो आपको बिल्कुल मुफ्त में अपना cibil score जांचने का मौका देती हैं।

Free में Cibil score check करने के लिए इन Websites का रुख कड़ें करें:-

(1) cibil.com

(2) bajajfinserv.com

(3) paisabazaar.com

(4) bankbazaar.com

(5) myloancare.com

Cibil score kaise check kare

और साथ ही इन चन्द Websites के अलावा भी आप Paytm और Amazon की Official websites पर जाकर बिल्कुल Free में अपना cibil score check कर सकते हैं, और सबसे अहम बात India के सभी major banks की भी Websites के जरिए Cibil scores को आसांनी पता लगाया जा सकता है, लिहाजा इन Websites पर Particularly जा-जाकर Cibil score Check करने की बजाए हमारे दिए इन Official websites Links पर भी क्लिक कर सीधे ही इन सभी Websites के “credit score check” portals पर जाकर अपना काम आसान बना सकते है।

Cibil score कैसे चेक करे इसके बारे में विस्तार से जानकारी के लिए ये जानने के लिए ये आर्टिकल जरूर पढ़े।

सिबिल स्कोर कैसे चेक करें? Cibil score kaise check kare

यह भी पढ़ें: Share market kya hai? शेयर मार्केट क्या है?

Cibil score कैसे बढ़ाएं? (Cibil score kaise badhaye)

Cibil score kaise badhaye

वास्तव में Cibil score की बढ़त का राज जानने से पहले आपके पास इस बात की जानकारी होनी बेहद ही जरूरी है कि वास्तव में आपका ये Cibil score किन Actual factors पर Depend करता है या फिर ये कहें कि वास्तव में आपका ये Cibil score किन Financial factors को ध्यान में रख कर Calculate किया जाता है।

तो आइए अब Cibil score की Calculation में use होने वाले Factors पर एक विस्तृत नजर डालते हैं :-

(1) Past performances :- ये कारक cibil score की गणना में इस्तेमाल होने वाला एक बेहद ही अहम Factor हैं, cibil score की Checking के दौरान इस Factor को 30% का Weightage दिया जाता हैं, दरअसल इसके अंतर्गत आपके Loans और Credit cards के Bills की Payment की History को Track किया जाता हैं, जैसे कि क्या आपने अपने Loans की EMI/Premium Fixed time यानी Due date पर भरी या नहीं, Delay किया तो कितना? और क्या आपके Dues को Clear कराने के लिए Bank को कोई कार्यवाही करनी पड़ी, और इन्ही सब कारकों के आधार पर कुछ हद cibil score की गणना होती है, मगर ये तो वो Factor था जिसे मामूली तौर पर आम लोगबाग जानते हैं मगर इसके अलावा भी अन्य कुछ और कारक भी है जिनकी Weightage इससे अधिक है, तो आइए अब एक-एक कर उनपर भी नजर डालते है।

(2) Credit type & Duration :-

cibil score तैयार करने में कारगर इस दूसरे Factor का भार 30% का ही होता है,  दरअसल ये Complicated और Technical term है मगर घबराएं नहीं बस पड़ते जाएं आपको पुरी बात अच्छी तरह Clear हो जाएगी।

दरअसल Banks ने Loans को दो अलग-अलग Categories में Divide किया है जिसमें की – Secured loans और Unsecured loans शामिल होते हैं।

1. Secured loans :- आसान भाषा में कहें तो Secured loans, वह Loans होते है जिन्हें लेते हुए आप यानी Customer अपनी कोई अमानत बतौर Security bank के पास छोड़ जाता है, ताकि अगर आप किसी भी कारण Loan ना चुका सकें तो Bank उन Assets को Sell-out कर Loans की recovery कर सकें, इस तरह के Loans का Prime example हैं – Gold loans (Security asset – Gold) ; Home/Property loan (Security asset – Property’s papers) और FD (Fixed Deposits) की एवज में जारी किए गए Credit cards (Security asset – FD).

2. Unsecured loans :- तो वहिं दूसरी ओर Unsecured loans वह Loans होते है जिनके बदले में Banks के पास आप कोई भी Security asset या अमानत गिरवीं नहीं रखते हैं, इस प्रकार के Loans के प्रमुख उदहारण है – Credit cards (आपके यानी Customers की Understanding और Previous relationship के आधार पर जारी किए गए) ; Personal loans और Education laons.

आपको बता दें कि Banks इस बीच ये देखते है कि क्या आपके पास किसी एक Particular type के Loan की संख्या बहुत ज्यादा तो नहिं, इसलिए बेहतर यही है कि आप जरूरत पड़ने पर दोनों ही किस्म के Loans – Secured & Unsecured Alternativel लें, किसी भी एक ही तरह के Loan को बारबर लेना आपके cibil score को negatively impact कर सकता हैं, अलबत्ता इसके साथ ही आपको इस बात का भी विशेष ध्यान   रखना है कि आप खासखर कोई बहुत Long term का Loan बिल्कुल ना ले, चूंकि इस तरह के long term loans भी Cibil score को घटाने का कारण बनते हैं मगर फिर भी Secured और Unsecured loans में ज्यादा बेहतर Secured ही है चूंकि इसमें कम intrest pay करने के साथ ही आपका cibil score भी maintained रहता है।

3. Credit utilization :- Well इसका मतलब जानने से पहले जरा यहां गौर फरमाएं, दरअसल जब कभी आप Shopping करने निकलते है तो अक्सर अपने Credit cards की Limit तक पहुँच जाते है, आपको बता दें कि इस तरह Credit card के end limits को achieve करना भी आपके cibil score के लिए अच्छा नहीं है बल्कि जब कभी आप ऐसा करते है तो आपका Credit utilization factor active हो जाता है  और वो भी आपके cibil score को Negatively impact करता है।

आपको यहां ये भी बता दें कि सिबिल स्कोर के Calculation में इस Factor का 25% भाग होता है।

4. Other Factors (अन्य कारक) :- इन तीन मुख्य कारकों – Past performances ; Credit type & Duration और Credit utilization अलावा भी कुछ और अन्य कारक होते है जो आपके credit score को प्रभावित करते है जिसमें की विशेषकर Loan को Apply करने से जुड़ी एक बड़ी गलती शामिल हैं, दरअसल जब कभी भी किसी आम व्यक्ति को Loan की जरूरत होती है तो वो कमस्कसम एक बार में ही 4 से 8 Banks में Apply कर देता है, यह सोचकर कि किसी ना किसी में तो मेरा Loan approve हो ही जाएगा मगर होता बिल्कुल इसका उल्टा हैं, बाज दफा ऐसा होता है कि ये Loan उन चारो या आठो Financial institutions से रद्द हो जाता हैं, ऐसा होने की वजह Multiple applications के कारण Cibil को ये आभास होता है उस व्यक्ति को 4 से 8 गुना तक Loan की जरूरत हैं, तो ऐसे में वे सभी Banks loans को Cancelle कर देतें है और साथ ही आपका Cibil score भी Down पड़ जाता है।

बैरहाल अपने Credit score को Maintain रखने के लिए आपको इन सभी Factors का हमेशा ध्यान रखना है और बताई इन सभी गलतियों को पूरी तरह Avoid करना है ताकि आपका Credit score पूरी तरह Maintained रहें।

कम Cibil score में भी Credit card या Loan कैसे लें?

लिहाजा ये बात पूरी तरह खरी और सच्ची है कि जब तक आप अपने अच्छे Credit score को Maintain नहीं करेंगे तब तक अच्छे Amount का Loan या अधिक Spend limit वाला Credit card आपके लिए मिलना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होगा, मगर फिर भी आप अगर बेहद ही बुरे Credit Score (150 से 400) के बीच Loans लेना चाहते है तो आपके लिए Power tip यही है कि आप अधिक से अधीक उन प्लेर्टफ़ॉर्मस का रुख करें जो हाल ही में शूरू हुए है और फिलहाल अधिक से अधिक Instant loans देने के लिए तैयार है मगर यहां एक समस्या ये है कि आपको मिलने वाले इन Loans का amount बहुत ज्यादा तो नहिं होगा मगर आप कुछ-कुछ ऐसे ही Loans को लेकर अपनी जरूरत पुरी कर सकते है और साथ ही सही वक्त पर इन सबके Premiums और EMIs को अदाकर अपने बदहाल पड़े सिबिल स्कोर को दोबारा बहाल कर सकते है।

तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने जाना कि cibil score kya hota hai आपको ये जानकारी अच्छी लगी हो तो इस जानकारी को उन लोगों को शेयर करें जिसको इसकी जरूरत है. इसके साथ ही आप हमारे फेसबुक पेज को भी लाइक कर सकतें हैं.