निर्भया रेप और मर्डर केस के गुनहगारों को होगी कल फांसी, अबकी बार कोई माफी नहीं मिलेगी!

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निर्भया केस के 6 आरोपियों मे से 4 को मिलेगी कल फाँसी।आरोपियों पर निर्भया का दर्दनाक मर्डर और रेप करने का आरोप है।फाँसी का समय सुबह 5;30 बजे का है।इसमें किसी भी प्रकार का कोई बदलाव अब नही किया जाएगा।

नमस्कार दोस्तों।आज कोरोना के बढ़ते आतंक के माहौल मे एक सुकून की खबर हम भारतवासियो को मिली है,और वो है निर्भया केस के मुजरिमो की फाँसी।
आज से 8 वर्ष पहले 6 दरिंदो ने एक लड़की जिसको हम निर्भया के नाम से जानते है,उसके साथ एक प्राइवेट बस मे गैंगरेप और मर्डर का घिलौना अपराध किया था।

Incident(वारदात)

16 december,2012 को निर्भया और उसका दोस्त जब एक प्राइवेट बस से अपने घर की ओर जा रहे थे तब यह 6 लोग उन्ही के साथ उस बस मे थे और फिर
बाद मे आगे जाकर इन 6 लोगो ने निर्भया के दोस्त का मर्डर क्र दिया और उसके बाद निर्भया का भी गैंग-रेप करके उसको और उसके दोस्त को चलती बस से फेक दिया।
अगले दिन निर्भया को hospital मे एडमिट किया गया मगर 29 दिसम्बर को निर्भया की मौत हो गयी।निर्भया का असली नाम ज्योति सिंह था।हालांकि भारत के कानून के हिसाब से किसी भी रेप-विक्टिम का नाम सार्वजनिक नही किया जा सकता।यही कारण था ज्योति सिंह को निर्भया के नाम से जाने जाना लगा।लेकिन फिर ज्योति सिंह के पिताजी ने एक इंटरव्यू के दौरान सरकार से अपील की कि उनकी बेटी के नाम को सार्वजनिक किया जाए ।उनके हिसाब से उनकी बेटी ने कोई अपराध नही किया है जो उनकी बेटी का नाम छुपाया जाए।और उनकी बेटी का नाम देश की और कई बेटियों को उम्मीद देगा।इसके बाद ज्योति सिंह का नाम सार्वजनिक कर दिया गया।

निर्भया के आरोपियों पर कार्यवाही

वारदात के 24 घँटों के अंदर -अंदर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।फिर उन सभी पर मुक़दमा दर्ज करा गया।और उनमें से 5 को जेल में दाल दिया गया।और एक को किशोर होने के कारण बाल सुधार गृह मे डाल दिया गया।
उसमें से एक ने जेल मे suicide kr ली थी और दूसरे को किशोर होने के कारण 3 वर्ष तक बाल-सुधार गृह मे रखकर छोर दिया गया।
लेकिन बाकी के चार व्यक्ति जिनका नाम मुकेश सिंह(32), अक्षय कुमार सिंह(31), पवन गुप्ता(25) और विनय शर्मा(26) है उनपर मुकदमा चकता रहा।इन चारों लोगो ने बचने की बहुत कोशिश करी और फाँसी को रोकने का हर संभव प्रयास किया।लेकिन आखिर मे कानून और सचाई की जीत हुई और अब उनको कल फांसी दी जाएगी।

फांसी रोकने की याचिका को खारिज कर दिया गया है और इस बार दोषियों को किसी भी प्रकार से बचाया नहीं जा सकता। निर्भया केस पर पूरे देश की नजर कई सालों से है और इस पर कोई सख्त निर्णय ना आने के कारण लोगों ने कानून की काफी आलोचना की थी।निर्भया की माँ ने भी कई सरकारी दफ्तरों के दरवाजे खटखटाये और अपनी बेटी के लिए इन्साफ की गुहार की।अब कोर्ट के आये इस निर्णय से लगता है कि निर्भया की मां और देश की जनता को एक सुकून की सांस मिलेगी।

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