टिक-टोक क्यों बैन होना चाहिए? Why Tik Tok should Ban? Tik-tok vs Youtube

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आखिर क्यों tik tok को इंडिया में बैन करना चाहिए, इसके पीछे तीन मुख्य कारन है। जिसे जानकर आप चोक जाएंगे।

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Tik Tok रेसिजम को बढ़ावा देता है।

टिक-टोक पर ऐसे अनेक वीडियो है, जिसमे वीडियो निर्माता पहले तो सावले रंग में स्क्रीन के सामने आते है, और फिर म्यूजिक बजते ही, फ़िल्टर लगा के गोर होते है, इससे आजकल के नवजवान बच्चो के मन में यही बात रह जाती है, की गोरा होना अच्छा है, और इसी कारण काले लोगो के साथ भेदबहाव होता है। देश के बच्चो में इसे बुरा असर पड़ता है, और समाज में रेसिजम बढ़ती है। और अगर किसी देश के लोगो में अगर रेसिजम होती है, तो उस देश में दंगे फसाद होना आम बात हो जाती है। और इससे पूरे देश पर असर होता है, वो भी उस ऍप से जो हमारे देश का भी नही है।

Tik Tok

टिक-टोक हमारा डाटा लीक करता है।

टिक-टोक हमारे देश का ऍप नही है, और वह चीन देश का है, जिस पर पहले भी कही सारे आरोप लगे हुए है, जनता का डाटा चुराने पर। और आजके युग में डाटा से कीमती कोई चीज नही है, और हम हमारा डाटा किसी को भी ऐसे ही नही दे सकते। अगर आप टिक-टोक ऍप इस्तेमाल करते है, तो आपको हर एक चीज की परमिशन देनी पड़ेगी, टिक-टोक ऍप आपके फ़ोन के ज्यादातर चीजो को एक्सेस करने की परमिशन मांगता है, और उससे आपका डाटा लेता है। और जबकि चीन में चीन ने बहार की हर एक चीज पर बैन लगा रखा है, जैसे की वहाँ पर यूट्यूब नही चलता, यूट्यूब की जगह यूको चलाना पड़ता है, क्रोम की जगह यूसी ब्राउज़र, व्हाट्सएप्प की जगह वी-चैट, यानी वहाँ की सरकार यह चाहती है, की वह दुनिया का डाटा ले सके और अपना डाटा किसी को ना दे। और चीन एक सुपरपावर देश बन रहा है।

Tik Tok पर सिर्फ बकवास कंटेंट है

Tik Tok बकवास कंटेंट से पूरी तरह से तो नही भरा हुआ लेकिन ज्यादतर उसका कंटेंट बकवास है, जिसमे ज्यादतर किसी बॉलीवुड गाने पर लिप्सिंग, काले से गोरा होना, और भी ऐसी कही सारे चीजे जो हमारी किसी काम की नही है। इसे देख कर हमारा सिर्फ वक़्त बर्बाद होता है। और इससे हमारे देश के बच्चे मैनिपुलेट होते है, इस करने पर और यह सिर्फ वक़्त की बर्बादी है।

Tik tok
tik tok

Tik Tok देखने से फोकस करने की क्षमता कम होती है

टिक-टोक में एक वीडियो लगभग 15 से 20 सेकंड की होती है, और हमारा दिमाग एक वीडियो पर जैसे ही फोकस करता है, दूसरी वीडियो शुरू हो जाती है, जिससे दिमाग का फोकस टूट जाता है, और ऐसा एक दिन में बहोत बार होता है, दिमाग का फोकस कण्ट्रोल बहोत काम हो जाता है, उसे हर 15 से 20 सेकंड में कोई न कोई दूसरी वीडियो देखनी पड़ती है, और सिर्फ आजसे 20 साल पहले के लोगो का फोकस करने का समय लागभह 12 सेकण्ड्स था और अब सिर्फ 8 सेकण्ड्स हो गया है। और ऐसे ही और कम होता जा सकता है, अगर ही टिक-टोक चलते रहे तो।

Tik Tok में चाइल्ड पॉलिसीस बिलकुल भी सख्त नही है।

टिक-टोल पहले भी बैन हुआ था, क्योकि इस ऍप में चाइल्ड को कोई प्रोटेक्शन नही है, एक बच्चे के सामने केसी भी वीडियो आ रही है, जो उसके सामने नही आणि चाहिए वह भी आ रही है, इसीलिए टिक-टोक को पहले भी वार्निंग मिली थी, लेकिन ऍप में पॉलिसीस को चेंज नही किया इसीलिए अभी फिर से यूएस गवर्मेंट ने इस ऍप को फिर से वार्निंग दी है। अगर यह ऍप पॉलिसीस को चेंज नही करता तो यह फिर से बैन हो सकता है।

Tik Tok आजकल इतनी ख़राब रेटिंग क्यों मिल रही है?

टिक-टोक पहले प्ले स्टोर पर 4.5 की रेटिंग थी, लेकिन अभी वह 1.3 की हो गयी है। इसका कारण है, कैर्रीमिनाती की वीडियो का बहोत चलना और फिर अचानक से डिलीट होना। कैर्रीमिनाती की यूट्यूब वर्सेज टिक-टोक वीडियो ने काफी सारे रेकोड्स तोड़े लेकिन यूट्यूब ने यह वीडियो हटा दी और जितने भी कैर्रीमिनाती के फैन्स है, वह काफी भड़क गए और इसी कारण टिक-टोक को इतनी ख़राब रेटिंग मिल रही है

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