Wireless Charging क्या है और वायरलेस चार्जिंग कैसे काम करती है?

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आज के दौर में हर रोज़ टेक्नोलॉजी मे कुछ बदलाव देखने को मिल जाते है। कुछ बदलावो की पहले से ही सबको उम्मीद होती है लेकिन कुछ बदलाव ऐसे होते है जिनकी कोई कल्पना भी नही करता और ऐसे बदलावों को समझने मे और अपनाने मे थोड़ा समय लगता है।
ऐसा ही एक बदलाव आया है चार्जिंग के क्षेत्र मे जिसे हम वायरलेस चार्जिंग कहते है। आज तक हम लोग अपने फ़ोन, हैडफ़ोन, घड़ी और दूसरे उपकरणों को चार्ज करने के लिए उनको एक वायर से पावर-प्लग से जोड़ते थे मगर अब हम अपने इन उपकरणों को बिना किसी तार की मदद से चार्ज कर सकते है। आज हम Wireless Charging, इसके भविष्य और इसके इस्तेमालो को विस्तार से समझेंगे। तो चलिये शुरू करते है।

अनुक्रम

Wireless charging कैसे काम करती है?

Wireless charging की तकनीक इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक इंडक्शन की तकनीक पर आधारित है। इसमें चार्जिंग पैड के अंदर उपस्थित कॉइल से अल्टरनेटिंग करंट पास कराया जाता है जिससे एक मैग्नेटिक फील्ड बनती है। और चूंकि यह मैग्नेटिक फील्ड एक A.C. करेंट से बनी है इसलिए इसका बल बदलता रहता है।
और इसके बदलते बल से इसके पास जो दूसरी कॉइल(उपकरण के अंदर) उपस्थित होती है उसमे करंट बनने लगता है और फिर एक रेक्टिफायर(rectifier) A.C. करंट को D.C. करंट मे बदल देता है और इस तरह आपका उपकरण चार्ज होने लग जाता है।
अभी कई कंपिनयां इस तकनीक को और बहतर करने की कोशिश रही है। अब इसमें resonant inductive coupling तकनीक को भी प्रयोग किया जा रहा है जिससे चार्जिंग पैड से दूर रखकर भी आप अपने उपकरण को चार्ज कर पाएंगे। अभी भविष्य मे हमको इसमें और सुधार देखने को मिल सकते है।
अगर आप इस तकनीक को और बारीकी से समझना चाहते है तो आप अपने विचार कमेंट कर सकते है। हम जरूर आपकी पसंद के टॉपिक पर आर्टिकल लाने की कोशिश करेंगे।

वायरलेस चार्जिंग के फायदे (Benefits of Wireless charging)

  1. वायरलेस चार्जिंग की सबसे अच्छी बात तो यही है कि इसमें आपको बार बार plug और unplug नही करना पड़ता जिससे आपके कम्फर्ट लेवल मे बढ़ोतरी होती है।
  2. Wireless charging से आपके फ़ोन या दूसरे उपकरणों का जैक खराब होने का खतरा नही रहता और आपके उपकरण ज्यादा चलते है।
  3. Wireless charging मे आपको shock लगने का खतरा भी नही रहता जिससे आप अपने उपकरण को इस्तेमाल करते वक़्त सुरक्षित रहते है।
  4. इससे मेडिकल उपकरणों को इस्तेमाल करने से मरीज़ के इलाज़ के स्तर मे बढ़ोतरी होती है और उसके बचने की ज्यादा सम्भावना होती है।
  5. इससे इलेक्ट्रिक गाड़ियों को चार्ज करना आसान हो जाता है और इससे भविष्य मे इलेक्ट्रिक-कार्स की प्रगति के लिए नई संभावनाएं उतपन्न होती है।

वायरलेस चार्जिंग के क्या नुक्सान है?

  1. Wireless charging को सपोर्ट करने वाले उपकरणों की मात्रा अभी कम है और जो है वे सभी महंगे है जिससे अभी आम लोगो के लिए ये एक अच्छा सुझाव नही है।
  2. Wireless charging अभी केबल चार्जिंग जितनी तेज़ नही है और इससे आपका फ़ोन उतनी जल्दी चार्ज नही होगा जितना आपके आम चार्जर से हो जाता है।
  3. Wireless charging मे आप अपने फ़ोन को चार्जिंग पैड से ज्यादा दूर नही ले जा सकते जबकि केबल चार्जिंग मे अगर आपकी केबल लम्बी हो तो आप फ़ोन को काफी दूर तक ले जा सकते है।

अभी के लिए Wireless charging मे कुछ खामियां है लेकिन आने वाले भविष्य मे यह दूर हो जाएंगी और फिर आप हर जगह इसी तकनीक का इस्तेमाल होता देखोगे।

क्या वायरलेस चार्जिंग केबल-चार्जिंग से तेज़ है?

जी नही, आज के समय मे केबल-चार्जिंग सबसे तेज़ है और type-C चार्जर्स आ जाने के बाद ये और भी तेज़ होगई है।

अगर आपने चार्जिंग पैड पर कोई metal का टुकड़ा रख दिया तो क्या होगा?

अगर आप ऐसा करते है तो आपका चार्जिंग पैड इस चीज़ को भाप लेगा और वो चार्जिंग करना बन्द कर देगा।

क्या आप एक चार्जिंग पैड पर एक से ज्यादा डिवाइस चार्ज कर सकते है?

हां, ZENS ने ऐसे वायरलेस चार्जर्स बनाये है जिनसे आप एक बार मे दो फ़ोन भी चार्ज कर सकते हो। इसके लिए आपको दोनों फ़ोन को चार्जिंग पैड पर साथ मे रख देना है और वो दोनों फ़ोन चार्ज होने लगेंगे।

क्या आप अपने फ़ोन को चार्ज होते वक़्त इस्तेमाल कर सकते है?

हाँ, आप अपने फ़ोन को चार्ज होते वक़्त इस्तेमाल कर सकते है। अगर आपका चार्जिंग पैड आपके फ़ोन को थोड़ी दूरी से भी चार्ज कर सकता है तो आप उसको थोड़ा दूर ले जा सकते है वरना आप चार्जिंग पैड पर रखे रखे अपना फ़ोन इस्तेमाल कर सकते है।

क्या वायरलेस चार्जिंग आपके डिवाइस की बैटरी पर प्रभाव डालती है?

नही, वायरलेस चार्जर से आपकी बैटरी को कोई नुक्सान नही पहुँचता। इससे आपकी बैटरी थोड़ी गर्म तो हो सकती है मगर इससे कुछ ज्यादा प्रभाव नही पड़ेगा।

क्या Wireless charging से इलेक्ट्रिक कार्स भी चार्ज होने लगेंगी?

जी हाँ, Wireless Charging से इलेक्ट्रिक कार्स भी चार्ज होने लगेंगी। लेकिन अभी इसको ज्यादा बड़े स्तर पर उपयोग नही किया जा रहा क्योंकि इससे कार धीरे चार्ज होती है ओर आज के समय मे लोग समय को ही सबसे ज्यादा महत्व देते है। तो जब तक ये तकनीक तेज़ नही हो जाती तब तक इसका उपयोग सीमित ही रहेगा।

Wireless Charging का क्या भविष्य है?

अभी यह तकनीक पूरी तरह नही खोजी गई है और अभी इसमें और कई शोध किये जाना बाकी है। अभी इसमें को दो सुधार बिलकुल ही होते दिखाई दे रहे है वो ये है कि पहले तो यह तकनीक भविष्य मे तेज़ होने वाली है शायद केबल-चार्जिंग से भी कई गुना तेज़।
दूसरा भविष्य मे चार्जिंग पैड को इस तरह डिजाईन किया जाएगा कि आप दूरी से भी अपना फ़ोन चार्ज कर सके। दूसरे शब्दों मे आपका पूरा कमरा ही आपका चार्जर होगा और आपके कमरे के हर कोने मे आपका फ़ोन चार्ज होता रहेगा। फिर यही तकनीक बस, कार और ट्रेन मे भी इस्तेमाल की जाएगी जिससे आपको अपने फ़ोन को चार्ज करने के लिए परेशान नही होना पड़ेगा।
अब इसके आगे और क्या बदलाव होंगे वो तो आने वाला वक़्त ही बताएगा। लेकिन इस तकनीक मे होने वाले बदलाव सिर्फ इस तक ही सीमित नही होंगे बल्कि इससे आपके फ़ोन और कार के उपयोग मे भी काफी बदलाव होंगे। उदाहरण के लिए:- पिछले सालों मे फ़ोन की बैटरी क्षमता बढ़ने से आज फ़ोन मे भारी सॉफ्टवेर और pubg जैसे गेम चलाना संभव हो गया है। इसी तरह वायरलेस चार्जिंग मे होने बदलावों से इस दुनिया मे काफी बदलाव आएँगे। और उन बदलावों की अभी से कल्पना करना थोड़ा मुश्किल होगा मगर हम आपके लिए उनपर एक आर्टिकल जरूर लेकर आएँगे।

आज के आर्टिकल मे इतना ही। अगर आपको आर्टिकल पसंद आया हो तो इसको अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और अपने सवाल कमेंट करे। अगर आपको ऐसे ही नए नए आर्टिकल पड़ना पसन्द है तो हमारी वेबसाइट BriefingpediA को सब्सक्राइब करे जिससे आपको हमारे हर आर्टिकल को पढ़ने का मौका मिल सके आपसे मुलाक़ात होगी फिर किसी नए रोमांचक टॉपिक के साथ। तब तक के लिए जय हिंद।