दुनिया की सबसे महंगी चीज क्या है?

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नमस्कार दोस्तों। आज के इस आर्टिकल में हम जानने वाले है, की धरती पर सबसे कीमती चीज क्या है। कुछ लोग बिना सोचे कह देंगे कि सोना सबसे महंगी चीज है, और कुछ लोग थोड़ा सोच कर कहेंगे हीरा यानी डायमंड सबसे महंगी चीज है। “और कुछ लोग कहेंगे हमारे मां-बाप परिवार दोस्त सबसे कीमती चीज है।” लेकिन यह तो अलग चीज है, आज के इस आर्टिकल में हम हर एक चीज को उसके मूल्य के आधार पर देखेंगे, और वास्तविकता आपके दिमाग की सोच के परे है, तो बिल्कुल अंत तक इस आर्टिकल को जरूर पढ़िए।

अनुक्रम

आपके दिमाग की बहुत बड़ी गलतफहमी?

सबसे पहले मैं आपके दिमाग से, एक गलतफहमी निकलना चाहूंगा कि, सोना, हीरा, या प्लैटिनम (सफेद सोना),‌ यह सारी चीजें सबसे महंगी है, लेकिन ऐसा नहीं है, माना कि यह महंगी है, दुर्लभ यानी रेयर है, लेकिन यह इतनी भी महंगी नहीं है, और धरती की सबसे महंगी चीज के आसपास भी नहीं है।

सोना कितना महंगा है?

जो लोग सोने को सबसे महंगा कहते हैं, में उन्हें बताना चाहूंगा कि, सोने की कीमत 3000 से 4200 रुपए तक है,
इससे महंगा तो हीरोइन होता है, जो एक प्रकार का ड्रग है, जिसकी कीमत लगभग ₹7000 से ₹8000 प्रति ग्राम तक होती है, और कभी कभी ₹10000 भी हो जाती है। और कोकेन की कीमत तो ₹12000 से ₹15000 प्रती ग्राम होती है, तो आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं, इन सारी चीजों के मुकाबले सोना कितना सस्ता है। लेकिन वैसे हीरे की कीमत बहुत ज्यादा होती है, और हीरे की कीमत कैरेट के हिसाब से होती है, और अब तक का सबसे महंगा हीरा है, “Koh-i-noor”. तो आप इन सारी चीजों से अंदाजा लगा सकते हैं, कि सोना इतना कीमती भी नहीं है, जितना हम सोचते हैं।

हमारी धरती की कीमत कितनी है?

तो दोस्तों, हमारी धरती की कीमत लगभग 300 क्वाड्रिलियन डॉलर्स आकि गई थी, एक प्रयोग के अनुसार, जो 2011 में हुआ था और उसका नाम था बायोस्फीयर-2।
तो दोस्तों, आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं, सोना हमारी धरती के मुकाबले कितना सस्ता है, और हीरा भी।

तो आखिर सबसे कीमती चीज क्या है?

तो दोस्तों, धरती की सबसे महंगी चीज का नाम है, “एंटीमैटर“. तो दोस्तों, अगर आप एंटीमैटर का नाम पहली बार सुन रहे हैं, तो मैं बताना चाहूंगा इसे हिंदी में “प्रतिकण” कहा जाता है। जैसे कि मैटर यानी द्रव्य के केंद्र यानी न्यूक्लियस में प्रोटॉन होता है, वैसे ही एंटीमैटर मैं एंटीप्रोटॉन होता है, और जैसे इलेक्ट्रॉन मैटर के कण के केंद्र के चक्कर लगाते हैं, वैसे ही पोजीट्रान एंटीमैटर के चक्कर लगाते हैं।

एंटीमैटर कब कहां और कैसे बनाते हैं?

एंटीमैटर बनाया जाता है, यूरोप के जेनेवा नाम के शहर में,
CERN के मार्गदर्शन में। LHC नामक एक मशीन है, जो एंटीमैटर का उत्पादन करती है। CERN और LHC के बारे में हम किसी और आर्टिकल में जानेंगे। अभी के लिए आप इतना समझिए LHC मैं मैटर से ही एंटीमीटर बनाया जाता है। मैं आपको किसी और आर्टिकल में अच्छे से समझा लूंगा यह प्रक्रिया कैसे होती है।

आखिर एंटीमैटर की कीमत कितनी है?

तो दोस्तों, CERN के अनुसार सिर्फ एक ग्राम एंटीमैटर की कीमत $62.5 ट्रिलियन है। और पूरे धरती को खत्म करने के लिए 18.5 किलो एंटीमैटर किस जरूरत होगी। एंटीमैटर और मैटर आपस में मिलकर एकदम प्योर ऊर्जा यानी एनर्जी बनाते हैं। हमारे घर में जो लाइट आती है, वह थर्मल पावर स्टेशन में कोयला जलाकर आती है। जो अपने वजन का सिर्फ 1% ऊर्जा देते हैं, और न्यूक्लियर बम अपने वजन का 7 से 8% ऊर्जा देते हैं। लेकिन एंटीमैटर तो अपने वजन का 100% ऊर्जा देता है। तो दोस्तों, आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं, की एंटीमैटर कितनी सारी उर्जा दे सकता है।
और CERN ने अब तक सिर्फ 10 नैनोग्राम एंटीमैटर बनाया हैं। और इस लैब को 100 बिलियन साल लग जाएंगे सिर्फ 1 ग्राम बनाने में। और इसे स्टोर करने की अलग दिक्कत है।

एंटीमैटर को कैसे स्टोर करते हैं?

तो दोस्तों, एंटीमैटर स्टोर करने के लिए हम कोई भी चीज बनाले, जाहिर सी बात है, वह मैटर की ही बनी होगी। तो इसे कैसे स्टोर करते होंगे, यह बात मैं आपको किसी और
आर्टिकल में बताऊंगा। अभी के लिए इतना समझ लो कि एंटीमैटर को स्टोर करने के लिए, किसी मैटर की जरूरत नहीं पड़ती।

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