सुबह जल्दी कैसे उठे ? यहां हैं आपके इस सवाल का जवाब #किस्से_जिंदगी_के

2282
सुबह जल्दी कैसे उठे
सुबह जल्दी कैसे उठे

अक्सर हम ये सुनते हैं कि सुबह जल्दी उठने से हम Lifelong सेहतमंद रहते हैं , हमारे मन मे अच्छे भाव आते हैं , दिन अच्छा जाता हैं अगैरा-वगैरा मगर असल बात तो ये हैं कि हर रात हम सोने से पहले Decide करते तो हैं कि पक्का अगले दिन से जल्दी उठेंगे या फिर सुबह पांच बजे उठेंगे , और इस तरह की सभी plannings को करने के बाद हम Finally सो जाते हैं, मगर अगले दिन होता क्या हैं सूरज आसमान में चढ़ जाता हैं ,, और हम अपने पुराने दिन के उसी Low energy levels और आलास से भरे शरीर के साथ उठते हैं, जबकि हमने limit से ज्यादा निन्द भी ली होती हैं मगर उसका कोई फर्क नही पड़ता हैं और अब हम उसी उदास मन के साथ एक बार फिर अपने नए दिन की शुरवात करते हैं जो असल मे पहले ही Spoil हो चुका होता हैं और एक अजीब बात तो ये हैं कि अब हमे सुबह जल्दी ना उठने का Frustration भी होता हैं, इन्ही सब के बीच हम पूरे दिन भर Low productivity के साथ काम करते रहते हैं और Finally दिन End होने पर जब हम रात को अपने दिनभर का Report card देखते हैं तो हमे मालूम चलता हैं कि आज हमने काफी समय waste किया , अपने daily goals को पूरा नही किया और ना जाने दुनिया भर की कितनी सारी बाते जो दिन भर में आपके साथ हुई और नही सब बातों से हम हो जाते हैं irritate , पर अब बारी आती हैं सोने की तो अब एक बार फिर हम अपने दिल को मानाते की कल से जल्दी उठेंगे और ना जाने वो कल कब आएगी , क्योंकि अगले दिन फिर वही हाल होता हैं और लागत ये Cycle चलता रहता हैं
इस Problem से परेशान तो हम सभी होंगे पर आज़ तक हमने कभी ये जानने की कोशिश नही की की आखिर ऐसा होता क्यों हैं।

सुबह जल्दी कैसे उठे
सुबह जल्दी उठने के फायदे

तो आइए आज हम यही जानते हैं कि भई आखिर हम सुबह जल्दी क्यों नही उठ पाते हैं ?
तो Friends इसका जवाब आपको मिलेगा आपके दिन की शुरवात से
अरे वो नही जो आपने आज सुबह 8 बजे की थी बल्कि वो शुरवात जो कभी हुई ही नही क्योंकि आपने कभी की ही नहीं!
जी हाँ यहां उसी शुरवात की बात कर रहे हैं , जब सुबह के पांच बजे रहे थे आपका Alarm बज रहा था और आपने कुछ सोच और उसे Snooze कर दिया
इसे अच्छे से समझने के लिए एक बार फिर Flashback में चलिए जब आपका Alarm बजा था और आपके दिमाग के दो फरिश्ते आपके सामने प्रकट हुए थे , एक ने हमेशा की तरह आपको Alarm को Snooze करने को कहा था तो वही दूसरे ने आपको आपके सपनो की याद दिलाई थीं वो सपने नही जो आपने रात में बंद आंखों से देखे थे बल्कि वो वाले जो कि आपने आंखों को खोलकर पूरे करने हैं मगर आप भी आप ही अच्छे फरिश्ते की बात को ताक पर रखते हुए उस शैतान की बात को मान कर सो गए
Well दोस्तों अब आप सोचेंगे कि इसका जल्दी उठने से क्या Connection हैं ? मगर सच तो ये हैं कि असल मे वही कुछ मिनट होते हैं जब आप अपने पूरे दिन की Script लिखते हैं अगर आप उस वक्त उस अच्छे फरिश्ते की बात मान कर उठ जाते तो शायद आप अपने दिन भर में वो सभी चीजें हासिल कर सकते थे जिन्हें आप करना चाहते थे और जिन चीजो को हासिल ना करने का मलाल अभी आपको हैं।
अब इसके पीछे की Science समझिए


दरअसल हर दिन सुबह उन चंद में मिनटों में हमे यह Decision लेना होता हैं कि क्या हमने असल मे सुबह उठना हैं या फिर Alarm को Snooze करके दोबारा Sleep mode में जाना हैं , और अक्सर हम उस शैतान की बात को मान कर Alarm को Snooze करके सो जाते हैं , शायद अब आपको लगेगा की मेरे अगले दिन जल्दी उठने या ना उठने से इस बात का क्या Conection हैं तो दोस्तो Connection हैं और एक बेहद ही Strong connection हैं।
दरअसल जब कभी हम सुबह जल्दी ना उठ कर देर तक सोना का Decision लेते हैं तो हमारी Will power कमजोर हो जाती हैं और लगातार ऐसे Decisions लेते रहने से एक दिन Finally हमारी Willpower पूरी तरह से खत्म हो जाती हैं , और फिर हम सिर्फ वही करते हैं जो हमारा मन हमसे करवाना चाहता हैं , उस वक्त ये चीज बिलकुल भी Matter नही करती की हम अपने Dreams को लेकर कितने Ambitious हैं या फिर भले ही आज हमारा Exam ही क्यों ना हो , इससे कुछ फर्क नही पड़ता क्योंकि हमारी Body भी अब इस तरह के Decisions को मानने के लिए Use too हो गईं हैं।
और Finally अब हमें समझ आता हैं कि ये कितने बड़ी परेशानी हैं कहने को तो यह एक बहुत आम बात हैं कि हम सुबह जल्दी नही उठ पाते मगर ये हमारी जिंदगी में चल रही बाकी Problems को Effect करता हैं और हमे और भी ज्यादा Pressureized Fell करता तो अब बात ये आती हैं कि इस Problem का Solution क्या हैं और शायद आज इस बात पर बहुत कम Discussion हो रहा हैं जबकि यही बात सबसे ज्यादा Attention Deserve करती हैं, well अगर हम इस Problem के Ultimate Solution की बात करे तो वो हैं “Bolde steps” जी हां यह बात जननी बेहद ही जरूरी हैं कि हम तभी जल्दी उठ सकते हैं, जब हमारे पास सोते रहने की बाजए उठने बेहतर वजह हो , ये वजह कुछ भी हो सकती हैं :- किसी के लिए ये अपनी Hobies और Passion की practice हो सकती हैं तो वही किसी और के लिए अपनी Professional Life के लिए चिंतन हो सकता हैं या फिर Even किसी Entrance exam के लिए पढ़ाई भी हो सकती हैं।

सुबह जल्दी कैसे उठे

अगर हम इस शब्द की बात करे तो इसका सीधा सा मतलब हमारे दिमाग के उस शैतान को नकारना हैं जो हमे काम करने से अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने से रोक रहा हैं , हमें उसे हराने के लिए उस पर Counter attack करना होगा जिसके लिए हमे Will immunity यानी कि बुरे विचारों से लड़ने की ताकत को मजबूत करना होगा , अगर ये शैतान हमें सोते रहने को कहता हैं तो हमे उसी वक्त जल्दी उठना होगा , और Finally हम इस शैतान की गिरफ्त से अपने शरीर को निकाले की जंग में कामयाब हो जाएंगे

सुबह जल्दी उठना एक साधारण कार्य हैं , पर आसान बिल्कुल भी नही हैं , हम अक्सर ये सोचते हैं कि काफी सारे काम साधारण होने के बावजूद भी हम नही कर पाते पता हैं क्यों ? इसका जवाब सिर्फ इतना सा ही हैं कि उस साधारण कार्य को हमने आसान समझने की गलती कर दी होती हैं, प्रिय दोस्तो इस बात का हमेशा ध्यान रखे कि जो काम हमे साधारण दिखता हैं , जरूरी नही हैं कि वो काम सरल भी हो।
इन्ही शब्दो के साथ आप सभी से विदा लेता हूं मैं आपका होस्ट और दोस्त “गौतम” , आप पढ़ रहे थे किस्से जिंदगी Special editon के एक लेख को जिसका विषय था “सुबह उठते वक्त” Briefingpedia.com हिन्दी पर,
यू ही एक बार फिर रूबरू होंगे एक नए लेख एक नई कहानी के साथ तब के लिए नमस्कार